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उपजेल जावद में शुक्रवार को मैत्रीबोध परिवार, कर्जत (महाराष्ट्र) द्वारा बंदियों के लिए एक दिवसीय आध्यात्मिक शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बंदियों के भीतर प्रेम, ज्ञान और मैत्री की भावना जागृत करना था। कार्यक्रम शांतिक्षेत्र प्रेमगिरी आश्रम के मैत्रेय दादाश्री की प्रेरणा से संपन्न हुआ। शिविर में मैत्रीबोध परिवार की ओर से मैत्री वंदना, नलिनी, मृदुला एवं मित्र फलक्ष द्वारा मैत्रीसंबोध ध्यान एवं प्रेरणादायक प्रवचन किए गए। साथ ही प्रार्थना एवं स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने की विधियां भी बताई गईं। कार्यक्रम के समापन पर सहायक जेल अधीक्षक अंशुल गर्ग ने मैत्रीबोध परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बंदियों के मानसिक और आत्मिक उत्थान में सहायक होते हैं। |
उपजेल जावद में शुक्रवार को मैत्रीबोध परिवार, कर्जत (महाराष्ट्र) द्वारा बंदियों के लिए एक दिवसीय आध्यात्मिक शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बंदियों के भीतर प्रेम, ज्ञान और मैत्री की भावना जागृत करना था। कार्यक्रम शांतिक्षेत्र प्रेमगिरी आश्रम के मैत्रेय दादाश्री की प्रेरणा से संपन्न हुआ।
शिविर में मैत्रीबोध परिवार की ओर से मैत्री वंदना, नलिनी, मृदुला एवं मित्र फलक्ष द्वारा मैत्रीसंबोध ध्यान एवं प्रेरणादायक प्रवचन किए गए। साथ ही प्रार्थना एवं स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने की विधियां भी बताई गईं।
बंदियों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने मन की बात साझा कर आंतरिक शांति एवं राहत पा सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सहायक जेल अधीक्षक अंशुल गर्ग ने मैत्रीबोध परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बंदियों के मानसिक और आत्मिक उत्थान में सहायक होते हैं।