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रामपुरा तहसील मुख्यालय पर स्वर्णकार समाज के आराध्य देव भगवान अजमीढ़ जी की जयंती सभी समाज जनों की उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी सहित सभी सामाजिक बंधुओं माताओं बहनों ने आराध्य देव के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी आरती उतारी गई उक्त अवसर पर शरद पूर्णिमा के चलते 51 किलो खीर का भोग भी भगवान अजमीढ़ जी को लगाकर समाज जनों एवं भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गयाइस अवसर पर स्वर्णकार समाज के सचिव श्री हरीश सोनी ने जानकारी देते हुए बताया सनातन धर्म में सभी उत्सव मनाने के पीछे सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक कारण छिपे होते हैं शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों से युक्त अमृत के समान होती हैं. इसलिए खुले आसमान में खीर रखी जाती है. मान्यता है कि चंद्रमा की किरणें खीर में पड़ने से यह कई गुना गुणकारी और लाभकारी हो जाती है. भोर में इसका सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. |
रामपुरा
मुकेश राठौर
रामपुरा तहसील मुख्यालय पर स्वर्णकार समाज के आराध्य देव भगवान अजमीढ़ जी की जयंती सभी समाज जनों की उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी सहित सभी सामाजिक बंधुओं माताओं बहनों ने आराध्य देव के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी आरती उतारी गई उक्त अवसर पर शरद पूर्णिमा के चलते 51 किलो खीर का भोग भी भगवान अजमीढ़ जी को लगाकर समाज जनों एवं भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गयाइस अवसर पर स्वर्णकार समाज के सचिव श्री हरीश सोनी ने जानकारी देते हुए बताया सनातन धर्म में सभी उत्सव मनाने के पीछे सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक कारण छिपे होते हैं शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों से युक्त अमृत के समान होती हैं. इसलिए खुले आसमान में खीर रखी जाती है. मान्यता है कि चंद्रमा की किरणें खीर में पड़ने से यह कई गुना गुणकारी और लाभकारी हो जाती है. भोर में इसका सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.