सिंगोली से ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट
दिनांक 30 नवंबर शनिवार को समीपस्थ गांव
महुपूरापुरण में श्री नर्वदेश्वर शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन सुतलिया परिवार द्वारा आयोजित किया गया। जिसके तहत प्राप्त 9:15 बजे 1251 कलश के साथ गांव
महुपुरापुरण से सीमाड़ा बालाजी तक भव्य शोभायात्रा ढोल डीजे के साथ निकल गई। जिसमें हजारों की संख्या में महिला पुरुष व बालक बालिकाओं ने भाग लिया उक्त शोभायात्रा में भव्य पुष्प वर्षा व ढोल डीजे की धुन पर नाचते गाते भक्त जन सीमाडा बालाजी पहुंचे जहां पूजा अर्चना के बाद आचार्य श्री गोपाल कृष्ण जी उपाध्याय मां कामाख्या धाम निशानियां सोयत कलां के मुखारविंद से कथा का श्रवण करवाया गया। उक्त कथा में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग पूजा व रुद्राक्ष वितरण उत्सव कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
आचार्य श्री गोपाल कृष्ण उपाध्याय ने कथा के प्रथम दिन कहा कि शिव महापुराण कथा हमें जीवन को मोक्ष व अमृत प्रदान करने की प्रेरणा देती है। और यह कथा हमें यह सिखाती हैं। की जीवन को कैसे हम ईश्वर भक्ति लगाकर इस जीवन को सार्थक बना सकते हैं।
आचार्य श्री ने आगे कहा कि अमृत के लिए स्वर्ग के देवता भी तरसते हैं। लेकिन अमृत आम जन व हर किसी को नहीं मिलता है। यदि आपको इस युग में भी अमृत पाना है। तो शिव महापुराण कथा का श्रवण करें जो अमृत से भी बढ़कर हैं। अमृत से अमर हो सकते हैं। लेकिन शिव महापुराण से आप सीधे जीवन मरण के फेर से निकलकर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। अतः इस कथा को अमृत से भी बड़ा माना गया है। हमारे अंदर जो अवगुण व विकास छुपे हुए हैं। और जिनका वजन हम ठो रहे हैं। इस कारण हमारे अंदर पाप घृणा ,लोभ, मोह, तृष्णा ,काम ,क्रोध, ईर्ष्या आदि हमें इन विकारों का त्याग कर भगवान शिव की तरह त्याग, तप, प्रेम, ममता, आदि सद्गुणो का समावेश कर अमृत की जगह जहर भी पीना पड़े तो पीना पड़ेगा तभी हम इस मानव जीवन को सार्थक बना सकते हैं।
आचार्य श्री ने इस संगीतमय शिव महापुराण कथा में भजन मान मेरा कहना माटी में मिल जाएगा एक दिन माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।
माता-पिता कुटुंब कबीला विपदा पड़ी पर आडे नहीं आएगा। कोई किसी का नहीं हुआ एक दिन हंसा अकेला उड़ जाएगा। बेटा बेटा क्या करता है। बेटा एक दिन तेरा पड़ोसी बन जाएगा। माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा। इस कथा का आयोजन सुतलिया परिवार के दुलीचंद धाकड़, नानालाल धाकड़, बंशीलाल धाकड़ पूर्व सरपंच प्रतिनिधि वह समस्त ग्राम वासियों व क्षेत्र वासियों का पूर्ण सहयोग रहा है। इस कथा का सफल संचालन पंकज शर्मा उमेदपुरा द्वारा किया गया। महुपुरा,पुरण कथा के अंत में श्री नर्वदेश्वर शिव पुराण की आरती कर प्रसाद वितरण की गई।
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