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मंदसौर। श्री वैष्णव बैरागी समाज चतुः संप्रदाय की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आज स्थानीय स्तर पर संपन्न हुई। इस गरिमामयी बैठक में समाज की प्रदेश एवं जिला इकाई के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे, जहां समाज के भविष्य और गौरव से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से समाज के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।बैठक के दौरान समाज के छात्रावास की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि समाज के छात्रावास पर वर्तमान में जो भी अवैध कब्जा है, उसे शीघ्र अति शीघ्र हटाया जाए। समाज के पदाधिकारियों ने मांग की कि छात्रावास का पूर्ण अधिकार वापस समाज को सौंपा जाना चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के दौरान रहने की उचित और सुविधायुक्त व्यवस्था मिल सके।इसी कड़ी में समाज की सांस्कृतिक विरासत और आस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि समाज के आराध्य देव जगतगुरु श्री 1008 रामानंदाचार्य जी महाराज की भव्य प्रतिमा शहर के किसी प्रमुख चौराहे पर स्थापित की जाए। समाजजनों का मानना है कि प्रतिमा की स्थापना और उसके भव्य अनावरण से न केवल समाज की धार्मिक आस्था को सम्मान मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकेगी।बैठक के समापन के पश्चात समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुँचा, जहाँ उक्त मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि अवैध कब्जे हटाने और प्रतिमा स्थापना की अनुमति प्रदान करने हेतु शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि प्रशासन द्वारा इन उचित मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज को मजबूरन आगे की रणनीति तय करते हुए आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा। बैठक में समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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मंदसौर। श्री वैष्णव बैरागी समाज चतुः संप्रदाय की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आज स्थानीय स्तर पर संपन्न हुई। इस गरिमामयी बैठक में समाज की प्रदेश एवं जिला इकाई के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे, जहां समाज के भविष्य और गौरव से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से समाज के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।बैठक के दौरान समाज के छात्रावास की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि समाज के छात्रावास पर वर्तमान में जो भी अवैध कब्जा है, उसे शीघ्र अति शीघ्र हटाया जाए। समाज के पदाधिकारियों ने मांग की कि छात्रावास का पूर्ण अधिकार वापस समाज को सौंपा जाना चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के दौरान रहने की उचित और सुविधायुक्त व्यवस्था मिल सके।इसी कड़ी में समाज की सांस्कृतिक विरासत और आस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि समाज के आराध्य देव जगतगुरु श्री 1008 रामानंदाचार्य जी महाराज की भव्य प्रतिमा शहर के किसी प्रमुख चौराहे पर स्थापित की जाए। समाजजनों का मानना है कि प्रतिमा की स्थापना और उसके भव्य अनावरण से न केवल समाज की धार्मिक आस्था को सम्मान मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकेगी।बैठक के समापन के पश्चात समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुँचा, जहाँ उक्त मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि अवैध कब्जे हटाने और प्रतिमा स्थापना की अनुमति प्रदान करने हेतु शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि प्रशासन द्वारा इन उचित मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज को मजबूरन आगे की रणनीति तय करते हुए आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा। बैठक में समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।