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मंदसौर - डिजिटल मुद्रा को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में प्रश्न किया। उन्होने केन्द्रीय वित मंत्री से प्रश्न करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में प्रायोगिक आधार पर केन्द्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्रा शुरू की है; तो ब्यौरा क्या है और उक्त डिजिटल मुद्रा की क्या विशेषता है। साथ ही यह मुद्रा किन क्षेत्रों में लागू होगी जिसकी आरबीआई ने उपयोग की अनुमति दी है। यह डिजिटल मुद्रा किस प्रकार बाजार की ताकतों के लिए फायदेमंद होगी और दिन- प्रतिदिन के लेनदेन में इससे आम जनता को किस प्रकार सुविधा होगी। उन्होने यह भी कहा कि आरबीआई का निकट भविष्य में खुदरा क्षेत्र में डिजिटल मुद्रा के उपयोग का भी प्रस्ताव है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इसे खुदरा क्षेत्र में कब तक शुरू किए जाने की संभावना है; और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी परिचालन मुद्रण, भंडारण, परिवहन और बैंक नोटों के प्रतिस्थापन इत्यादि की लागत को किस प्रकार कम करेगी। |
मंदसौर - डिजिटल मुद्रा को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में प्रश्न किया। उन्होने केन्द्रीय वित मंत्री से प्रश्न करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में प्रायोगिक आधार पर केन्द्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्रा शुरू की है; तो ब्यौरा क्या है और उक्त डिजिटल मुद्रा की क्या विशेषता है। साथ ही यह मुद्रा किन क्षेत्रों में लागू होगी जिसकी आरबीआई ने उपयोग की अनुमति दी है। यह डिजिटल मुद्रा किस प्रकार बाजार की ताकतों के लिए फायदेमंद होगी और दिन- प्रतिदिन के लेनदेन में इससे आम जनता को किस प्रकार सुविधा होगी। उन्होने यह भी कहा कि आरबीआई का निकट भविष्य में खुदरा क्षेत्र में डिजिटल मुद्रा के उपयोग का भी प्रस्ताव है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इसे खुदरा क्षेत्र में कब तक शुरू किए जाने की संभावना है; और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी परिचालन मुद्रण, भंडारण, परिवहन और बैंक नोटों के प्रतिस्थापन इत्यादि की लागत को किस प्रकार कम करेगी।
प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में प्रायोगिक आधार पर सेंट्रल बँक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) लॉन्च की है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने थोक और खुदरा दोनों क्षेत्रों में सीबीडीसी में प्रायोगिक परियोजना लॉन्च की है। डिजिटल रुपया-थोक क्षेत्र (ईर-डब्ल्यू) में पहली प्रायोगिक परियोजना 1 नवंबर, 2022 को लॉन्च की गई थी, जिसका उपयोग सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन के निपटान के मामले में किया गया था। इसके अलावा, खुदरा डिजिटल रुपये में पहली प्रायोगिक परियोजना 01 दिसंबर, 2022 को लॉन्च की गई थी। प्रायोगिक सीमित उपयोगकर्ता समूह (सीयूजी) में चुनिंदा स्थानों को कवर कर रहा है, जिसमें भाग लेने वाले ग्राहक और व्यापारी शामिल हैं।ईए-आर एक डिजिटल टोकन के रूप में है जो कानूनी निविदा को दर्शाता है। यह उन्हीं मूल्यवर्गों में जारी किया जा रहा है जहां वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के जारी किए जाते हैं। यह वित्तीय मध्यस्थों, अर्थात् बैंकों के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। लेन-देन व्यक्ति से व्यक्ति को (पीएपी) और व्यक्ति से व्यापारी (पीएम) दोनों को हो सकते हैं। ई- आर भौतिक नकदी जैसे न्यास, सुरक्षा और निपटान अंतिमता की सुविधाएँ प्रदान करता है। नकदी की तरह, यह कोई व्याज अर्जित नहीं करेगा और इसे अन्य प्रकार धन जैसे कि बैंकों में जमा राशि में परिवर्तित किया जा सकता है। खुदरा क्षेत्र में सीबीडीसी के संबंध में प्रमुख लाभों में भौतिक नकदी प्रबंधन में शामिल परिचालन लागत में संभावित कमी वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना मौजूदा निपटान प्रणाली में दक्षता को बढ़ाना और सीमा पार भुगतान में नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। सीबीडीसी की शुरूआत के माध्यम से, आरबीआई द्वारा डिजिटल रुपया बनाया जा सकता है, बैंकों को वितरित किया जा सकता है और अंततः भौतिक मुद्रा की तुलना में बहुत कम समय में और कम परिचालन लागत के साथ ग्राहकों को अंतरित किया जा सकता है।