|
|
नीमच | नीमच जिले के जीरन नगर परिषद क्षेत्र में *अमृत 2.0 योजना* के तहत बन रही पानी की टंकी रविवार को मौत का मंजर बन गई। निर्माण कार्य के दौरान ऊपर से गिरा मजदूर सरियों में जा अटका — एक सरिया उसके सीने को आर-पार चीर गया। चीख-पुकार मच गई, साथी मजदूरों ने सरिया काटकर उसे निकाला, पर किस्मत ने साथ छोड़ दिया। इंदौर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सीने को चीर गया लोहे का सरिया-मृतक की पहचान नेमीचंद (35) निवासी मल्हारगढ़ के रूप में हुई है, जो ठेकेदार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। रविवार शाम को वह निर्माण स्थल पर निरीक्षण कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ा। नीचे लगे कॉलम के लोहे के सरिए में वह बुरी तरह फंस गया। एक सरिया उसके सीने से आर-पार निकल गया।ग्रामीणों ने काटा सरिया, पहुंचाया अस्पतालघटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। मजदूरों और स्थानीय लोगों ने मिलकर सरिए को काटा और नेमीचंद को बाहर निकाला। एंबुलेंस कर्मियों की मदद से उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद नेमीचंद ने सोमवार देर रात इंदौर में दम तोड़ दिया।सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल-मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और बैरिकेडिंग जैसी बेसिक व्यवस्थाएं नहीं थीं। अगर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो यह हादसा शायद टाला जा सकता था।प्रशासन मौन, परिजनों में रोष-घटना के बाद भी जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार चुप हैं। इलाके में गुस्से का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
|
नीमच | नीमच जिले के जीरन नगर परिषद क्षेत्र में *अमृत 2.0 योजना* के तहत बन रही पानी की टंकी रविवार को मौत का मंजर बन गई। निर्माण कार्य के दौरान ऊपर से गिरा मजदूर सरियों में जा अटका — एक सरिया उसके सीने को आर-पार चीर गया। चीख-पुकार मच गई, साथी मजदूरों ने सरिया काटकर उसे निकाला, पर किस्मत ने साथ छोड़ दिया। इंदौर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सीने को चीर गया लोहे का सरिया-मृतक की पहचान नेमीचंद (35) निवासी मल्हारगढ़ के रूप में हुई है, जो ठेकेदार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। रविवार शाम को वह निर्माण स्थल पर निरीक्षण कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ा। नीचे लगे कॉलम के लोहे के सरिए में वह बुरी तरह फंस गया। एक सरिया उसके सीने से आर-पार निकल गया।ग्रामीणों ने काटा सरिया, पहुंचाया अस्पतालघटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। मजदूरों और स्थानीय लोगों ने मिलकर सरिए को काटा और नेमीचंद को बाहर निकाला। एंबुलेंस कर्मियों की मदद से उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद नेमीचंद ने सोमवार देर रात इंदौर में दम तोड़ दिया।सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल-मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और बैरिकेडिंग जैसी बेसिक व्यवस्थाएं नहीं थीं। अगर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो यह हादसा शायद टाला जा सकता था।प्रशासन मौन, परिजनों में रोष-घटना के बाद भी जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार चुप हैं। इलाके में गुस्से का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।