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पीपल्यामण्डी (रामेश्वर फरक्या)भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा अत्यधिक महत्वपूर्ण रेलखंड के कारण रतलाम चित्तौड़ रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य लगभग 5 साल पहले शुरू हुआ था धीरे-धीरे टुकड़ों में चित्तौड़ से नीमच तक का कार्य होने के उपरांत नीमच से रतलाम तक नई ठेका पद्धति से एक ही ठेकेदार को कार्य दिया गया उसको भी तीन सेक्शनो में कार्य मार्च 2024 तक के लक्ष्य निर्धारित किया गया था फिर धीरे-धीरे समय सीमा बढ़ाते हुए रेल विभाग द्वारा दिसंबर 2025 तक उक्त कार्य पूरा होने की जानकारी दी जा रही थी जिसे नई विधा द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य को देखते हुए बार-बार बताया जा रहा था कि जिस तरह से रेल खंड पर कार्य चल रहा है मार्च 2026 आसानी से आ जाएगा और वर्तमान में भी कार्य धीमी गति से चलता हुआ है। *तीन सेक्शन बांटकर हो रहा है काम* नीमच से दलोदा 63.94 किलोमीटर, दलोदा से बढ़ायला चौरासी 45.05 किलोमीटर ,बढ़ायला चौरासी से रतलाम 24.38 किलोमीटर, इस तरह दो क्षेत्र में लगभग कार्य पूरा हो गया है किंतु 30 जुलाई 2025 में धौसवास से दलोदा तक दोनों लाइन पर यातायात शुरू होने के उपरांत ठेकेदार और रेल विभाग की उदासीनता से कार्य काफी धीमी गति से हो गया उसमें दिवाली बाद भी तेजी नहीं आ पाई लेकिन अब पिपलिया से मल्हारगढ़ के बीच कार्य शुरू हुआ है जिससे अगर तीव्र गति से रेलवे व ठेकेदार मिलकर काम करते हैं तो यह सेक्शन दो माह में तैयार हो सकता है किंतु ठेकेदार द्वारा पिपलिया मंडी में प्लेटफार्म नंबर दो पर भी कार्य तेज गति से करना होगा वर्तमान में दूसरी मेंन लाइन का कार्य पिपलिया में प्रगति पर है। वही मल्हारगढ़ से पिपलिया के बीच लगभग दूसरी लाइन का कार्य 70 प्रतिशत तक हो गया है ऐसी जानकारी मिली है। *शिवना ब्रिज में तकनीकी खामी* मंदसौर से दलोदा के बीच लगभग 2 वर्ष से स्थानीय नागरिक दोहरीकरण लाइन के इंतजार में है यहां पर भी दूसरी मेंन लाइन का कार्य लगभग बहुत कुछ हो चुका है किंतु शिवना नदी के ऊपर बने ब्रिज में कोई भी तकनीकी खामी आने पर रेलवे इंजीनियरों द्वारा उसको दुरुस्त करने के लिए फिर से कार्य करवाया जा रहा है जिससे लगता है कि इसमें कम से कम तीन माह का समय और लगेगा ऐसी सूत्रों से जानकारी मिल रही है इस तरह मंदसौर से दलोदा भी मार्च 2026 तक जुड़ने की उम्मीद है अगर कार्य तेजी से किया जाता है तो, वहीं रेल विभाग और ठेकेदार मिलकर मंदसौर पिपलिया मंडी के के बीच रेलखंड पर युद्ध स्तर की तरह कार्य करें तो जनवरी 2026 तक मंदसौर पिपलिया रेलखंड पर भी दोनों लाइन पर रेल यातायात शुरू हो सकता है नई विधा प्रतिनिधि रामेश्वर फरक्या द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, प्रधानमंत्री कार्यालय आदि जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि रेलवे अधिकारियों की सतत निगरानी में रतलाम नीमच दोहरीकरण कार्य को प्राथमिकता से करते हुए जल्द से जल्द कार्य में तेजी लाकर कार्य पूरा किया जाए जिससे नई यात्री गाड़ियों के साथ ही चल रही गाड़ियों के ठहराव का भी समाधान हो सकता है। *मंदसौर व पिपलिया मंडी प्लेटफार्म नंबर दो नए बनना है* मिली जानकारी के अनुसार पिपलिया मंडी व मंदसौर रेलवे स्टेशन पर अब और डाउन लाइन बनने के बाद दो नंबर प्लेटफार्म को नए सिरे से निर्मित किया जाएगा जिसको भी रेलवे अधिकारी एवं इंजीनियर मिलकर ठेकेदार से जल्द काम करवाए तो ब्लॉक के दौरान यात्री गाड़ियां कम पीटेगी वही मंदसौर में अधिकारी प्लेटफार्म नंबर तीन की भी संभावना तलाशते हैं तो भविष्य में यात्री सुविधा के लिए अच्छा रहेगा क्योंकि वर्तमान में प्लेटफार्म नंबर दो के पीछे रेलवे के पास जगह है अगर 15 यात्री कोच वाली यात्री गाड़ी भी खड़ी हो सके तो अतिरिक्त लूप लाइन बिछाई जाकर उसका उपयोग किया जा सकता है। इस तरह मार्च 2024 में राष्ट्र को मिलने वाली दोहरीकरण की सुविधा दिसंबर 2025 तक भी मिलने की संभावना नहीं है लेट लतीफी के कारण राजस्व का नुकसान भी भारत सरकार हो रहा है। |
पीपल्यामण्डी (रामेश्वर फरक्या)भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा अत्यधिक महत्वपूर्ण रेलखंड के कारण रतलाम चित्तौड़ रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य लगभग 5 साल पहले शुरू हुआ था धीरे-धीरे टुकड़ों में चित्तौड़ से नीमच तक का कार्य होने के उपरांत नीमच से रतलाम तक नई ठेका पद्धति से एक ही ठेकेदार को कार्य दिया गया उसको भी तीन सेक्शनो में कार्य मार्च 2024 तक के लक्ष्य निर्धारित किया गया था फिर धीरे-धीरे समय सीमा बढ़ाते हुए रेल विभाग द्वारा दिसंबर 2025 तक उक्त कार्य पूरा होने की जानकारी दी जा रही थी जिसे नई विधा द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य को देखते हुए बार-बार बताया जा रहा था कि जिस तरह से रेल खंड पर कार्य चल रहा है मार्च 2026 आसानी से आ जाएगा और वर्तमान में भी कार्य धीमी गति से चलता हुआ है।
*तीन सेक्शन बांटकर हो रहा है काम*
नीमच से दलोदा 63.94 किलोमीटर, दलोदा से बढ़ायला चौरासी 45.05 किलोमीटर ,बढ़ायला चौरासी से रतलाम 24.38 किलोमीटर, इस तरह दो क्षेत्र में लगभग कार्य पूरा हो गया है किंतु 30 जुलाई 2025 में धौसवास से दलोदा तक दोनों लाइन पर यातायात शुरू होने के उपरांत ठेकेदार और रेल विभाग की उदासीनता से कार्य काफी धीमी गति से हो गया उसमें दिवाली बाद भी तेजी नहीं आ पाई लेकिन अब पिपलिया से मल्हारगढ़ के बीच कार्य शुरू हुआ है जिससे अगर तीव्र गति से रेलवे व ठेकेदार मिलकर काम करते हैं तो यह सेक्शन दो माह में तैयार हो सकता है किंतु ठेकेदार द्वारा पिपलिया मंडी में प्लेटफार्म नंबर दो पर भी कार्य तेज गति से करना होगा वर्तमान में दूसरी मेंन लाइन का कार्य पिपलिया में प्रगति पर है। वही मल्हारगढ़ से पिपलिया के बीच लगभग दूसरी लाइन का कार्य 70 प्रतिशत तक हो गया है ऐसी जानकारी मिली है।
*शिवना ब्रिज में तकनीकी खामी*
मंदसौर से दलोदा के बीच लगभग 2 वर्ष से स्थानीय नागरिक दोहरीकरण लाइन के इंतजार में है यहां पर भी दूसरी मेंन लाइन का कार्य लगभग बहुत कुछ हो चुका है किंतु शिवना नदी के ऊपर बने ब्रिज में कोई भी तकनीकी खामी आने पर रेलवे इंजीनियरों द्वारा उसको दुरुस्त करने के लिए फिर से कार्य करवाया जा रहा है जिससे लगता है कि इसमें कम से कम तीन माह का समय और लगेगा ऐसी सूत्रों से जानकारी मिल रही है इस तरह मंदसौर से दलोदा भी मार्च 2026 तक जुड़ने की उम्मीद है अगर कार्य तेजी से किया जाता है तो, वहीं रेल विभाग और ठेकेदार मिलकर मंदसौर पिपलिया मंडी के के बीच रेलखंड पर युद्ध स्तर की तरह कार्य करें तो जनवरी 2026 तक मंदसौर पिपलिया रेलखंड पर भी दोनों लाइन पर रेल यातायात शुरू हो सकता है नई विधा प्रतिनिधि रामेश्वर फरक्या द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, प्रधानमंत्री कार्यालय आदि जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि रेलवे अधिकारियों की सतत निगरानी में रतलाम नीमच दोहरीकरण कार्य को प्राथमिकता से करते हुए जल्द से जल्द कार्य में तेजी लाकर कार्य पूरा किया जाए जिससे नई यात्री गाड़ियों के साथ ही चल रही गाड़ियों के ठहराव का भी समाधान हो सकता है।
*मंदसौर व पिपलिया मंडी प्लेटफार्म नंबर दो नए बनना है*
मिली जानकारी के अनुसार पिपलिया मंडी व मंदसौर रेलवे स्टेशन पर अब और डाउन लाइन बनने के बाद दो नंबर प्लेटफार्म को नए सिरे से निर्मित किया जाएगा जिसको भी रेलवे अधिकारी एवं इंजीनियर मिलकर ठेकेदार से जल्द काम करवाए तो ब्लॉक के दौरान यात्री गाड़ियां कम पीटेगी वही मंदसौर में अधिकारी प्लेटफार्म नंबर तीन की भी संभावना तलाशते हैं तो भविष्य में यात्री सुविधा के लिए अच्छा रहेगा क्योंकि वर्तमान में प्लेटफार्म नंबर दो के पीछे रेलवे के पास जगह है अगर 15 यात्री कोच वाली यात्री गाड़ी भी खड़ी हो सके तो अतिरिक्त लूप लाइन बिछाई जाकर उसका उपयोग किया जा सकता है। इस तरह मार्च 2024 में राष्ट्र को मिलने वाली दोहरीकरण की सुविधा दिसंबर 2025 तक भी मिलने की संभावना नहीं है लेट लतीफी के कारण राजस्व का नुकसान भी भारत सरकार हो रहा है।