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नीमच। नगर पालिका परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई। जैसे ही चर्चा की शुरुआत हुई, माहौल गरमा गया। कांग्रेस पार्षदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” एजेंडे को परिषद में लाने पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं—सड़क, पानी और सफाई—जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावे पर।कांग्रेस पार्षदों ने नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा पर आरोप लगाया कि वे जनता के मुद्दों से ध्यान भटका रही हैं और परिषद को राजनीतिक मंच बना रही हैं। इस पर भाजपा पार्षदों ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशी वस्त्र पहनने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को घेर लिया। देखते ही देखते पूरा हॉल नारों से गूंज उठा—भाजपा पार्षदों ने “हर हर मोदी” के नारे लगाए तो कांग्रेस पार्षदों ने “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारों से जवाब दिया।विवाद के बीच निर्दलीय पार्षद राजेश लालवानी ने योजना क्रमांक 34 में भूखंड आवंटन में हुए कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और कहा कि गरीबों की जगह सिर्फ रसूखदारों के काम हो रहे हैं। वहीं सभापति दारा सिंह यादव ने मांगलिक भवन से जुड़े मामलों पर नाराजगी जताई और कहा कि “नगर पालिका में सभापति का पद अब प्रतीक मात्र रह गया है।”नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति बैठक में माइक लेकर पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों की आवाज उठाने लगे। इस पर अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कथित तौर पर हंसते हुए उनकी बातों को टाल दिया, जिससे माहौल और बिगड़ गया। जब प्रजापति ने पार्षद वीरेंद्र पाटीदार को माइक सौंपा, तो अध्यक्ष ने उन्हें रोकते हुए “शासकीय कार्य में बाधा” की कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इस बयान से पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई और हॉल में हंगामा मच गया। विवाद यहीं नहीं थमा। जब अध्यक्ष ने पार्षद कुसुम जोशी और अशोक जोशी को बीच में बोलने से रोका, तो अशोक जोशी ने अध्यक्ष के पति की बैठक में मौजूदगी पर सवाल उठाकर आग में घी डाल दिया। अंत में निर्दलीय पार्षद रामचंद्र धनगर और योगेश प्रजापति के बीच माइक को लेकर झड़प हो गई और बैठक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। नीमच नगर पालिका की यह बैठक जनता के मुद्दों पर कम, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सत्ता-पक्ष व विपक्ष की नोकझोंक पर ज्यादा केंद्रित रही। हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण एजेंडे अधूरे रह गए। |
नीमच। नगर पालिका परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई। जैसे ही चर्चा की शुरुआत हुई, माहौल गरमा गया। कांग्रेस पार्षदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” एजेंडे को परिषद में लाने पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं—सड़क, पानी और सफाई—जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावे पर।कांग्रेस पार्षदों ने नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा पर आरोप लगाया कि वे जनता के मुद्दों से ध्यान भटका रही हैं और परिषद को राजनीतिक मंच बना रही हैं। इस पर भाजपा पार्षदों ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशी वस्त्र पहनने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को घेर लिया। देखते ही देखते पूरा हॉल नारों से गूंज उठा—भाजपा पार्षदों ने “हर हर मोदी” के नारे लगाए तो कांग्रेस पार्षदों ने “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारों से जवाब दिया।विवाद के बीच निर्दलीय पार्षद राजेश लालवानी ने योजना क्रमांक 34 में भूखंड आवंटन में हुए कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और कहा कि गरीबों की जगह सिर्फ रसूखदारों के काम हो रहे हैं। वहीं सभापति दारा सिंह यादव ने मांगलिक भवन से जुड़े मामलों पर नाराजगी जताई और कहा कि “नगर पालिका में सभापति का पद अब प्रतीक मात्र रह गया है।”नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति बैठक में माइक लेकर पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों की आवाज उठाने लगे। इस पर अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कथित तौर पर हंसते हुए उनकी बातों को टाल दिया, जिससे माहौल और बिगड़ गया। जब प्रजापति ने पार्षद वीरेंद्र पाटीदार को माइक सौंपा, तो अध्यक्ष ने उन्हें रोकते हुए “शासकीय कार्य में बाधा” की कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इस बयान से पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई और हॉल में हंगामा मच गया।
विवाद यहीं नहीं थमा। जब अध्यक्ष ने पार्षद कुसुम जोशी और अशोक जोशी को बीच में बोलने से रोका, तो अशोक जोशी ने अध्यक्ष के पति की बैठक में मौजूदगी पर सवाल उठाकर आग में घी डाल दिया। अंत में निर्दलीय पार्षद रामचंद्र धनगर और योगेश प्रजापति के बीच माइक को लेकर झड़प हो गई और बैठक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई।
नीमच नगर पालिका की यह बैठक जनता के मुद्दों पर कम, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सत्ता-पक्ष व विपक्ष की नोकझोंक पर ज्यादा केंद्रित रही। हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण एजेंडे अधूरे रह गए।