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नीमच। इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस वितरकों का देशव्यापी आंदोलन अब तेज हो गया है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के नेतृत्व में “वितरक का सम्मान, वितरक का अधिकार” के नारे के साथ नीमच में भी बुधवार रात गैस वितरकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वितरकों ने फोर जीरो मोमबत्तियां जलाकर मौन विरोध दर्ज कराया और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। गौरतलब है कि वितरक लंबे समय से गृह वितरण एवं प्रशासनिक शुल्क में तत्काल वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और संचालन लागत के बावजूद वर्षों से वितरकों को उचित सेवा शुल्क नहीं मिल पा रहा है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने इस संबंध में देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। 24 अक्टूबर 2025 से आंदोलन का पहला चरण शुरू हुआ, जिसमें सभी वितरकों ने सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। 29 अक्टूबर को शाम 7 बजे से दूसरा चरण चलाया गया, जिसके तहत सभी वितरक अपने-अपने क्षेत्र में काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं और जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंप रहे हैं। तीसरा चरण 6 नवंबर 2025 को प्रस्तावित है, जिसमें वितरक बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। वितरकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अगले चरण में गृह वितरण बंद करने और अन्य प्रशासनिक सेवाओं से असहयोग आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे। वितरकों का कहना है कि वे वर्षों से उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की आपूर्ति पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित सेवा शुल्क मिल पा रहा है, न ही पर्याप्त सम्मान। प्रशासनिक खर्च बढ़ने के बावजूद कोई राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द ही उनके शुल्क में बढ़ोतरी करने और वितरकों को सम्मानजनक स्थिति प्रदान करने की मांग की है। वितरकों ने कहा कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों के लिए है, ताकि सेवाएं बेहतर और व्यवस्थित ढंग से दी जा सकें। यदि समय रहते सरकार ने संज्ञान नहीं लिया, तो यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप ले सकता है। |
नीमच। इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस वितरकों का देशव्यापी आंदोलन अब तेज हो गया है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के नेतृत्व में “वितरक का सम्मान, वितरक का अधिकार” के नारे के साथ नीमच में भी बुधवार रात गैस वितरकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वितरकों ने फोर जीरो मोमबत्तियां जलाकर मौन विरोध दर्ज कराया और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
गौरतलब है कि वितरक लंबे समय से गृह वितरण एवं प्रशासनिक शुल्क में तत्काल वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और संचालन लागत के बावजूद वर्षों से वितरकों को उचित सेवा शुल्क नहीं मिल पा रहा है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने इस संबंध में देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।
24 अक्टूबर 2025 से आंदोलन का पहला चरण शुरू हुआ, जिसमें सभी वितरकों ने सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। 29 अक्टूबर को शाम 7 बजे से दूसरा चरण चलाया गया, जिसके तहत सभी वितरक अपने-अपने क्षेत्र में काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं और जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंप रहे हैं। तीसरा चरण 6 नवंबर 2025 को प्रस्तावित है, जिसमें वितरक बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
वितरकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अगले चरण में गृह वितरण बंद करने और अन्य प्रशासनिक सेवाओं से असहयोग आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे।
वितरकों का कहना है कि वे वर्षों से उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की आपूर्ति पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित सेवा शुल्क मिल पा रहा है, न ही पर्याप्त सम्मान। प्रशासनिक खर्च बढ़ने के बावजूद कोई राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द ही उनके शुल्क में बढ़ोतरी करने और वितरकों को सम्मानजनक स्थिति प्रदान करने की मांग की है।
वितरकों ने कहा कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों के लिए है, ताकि सेवाएं बेहतर और व्यवस्थित ढंग से दी जा सकें। यदि समय रहते सरकार ने संज्ञान नहीं लिया, तो यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप ले सकता है।