नीमच में वायरल और डेंगू का प्रकोप बढ़ा, सरकारी और निजी लैब की रिपोर्ट में अंतर से उठे सवाल

सरकारी लैब में नेगेटिव, निजी लैब में डेंगू पॉजिटिव
एक मरीज के परिजन के अनुसार, उनकी बेटी की तबीयत खराब होने पर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की सलाह पर रक्त जांच कराई गई। परिजन का दावा है कि सरकारी लैब की रिपोर्ट में डेंगू नेगेटिव आया, जबकि उसी दिन निजी लैब में जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई।
परिजन ने बताया कि अलग-अलग रिपोर्ट मिलने के कारण वे असमंजस में पड़ गए और बाद में बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार करवाना पड़ा। इस घटना ने डेंगू की जांच और रिपोर्टों में अंतर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, संबंधित जांचों की वास्तविक स्थिति और रिपोर्टों के अंतर की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
एलाइजा जांच की रिपोर्ट को अंतिम मानता है स्वास्थ्य विभाग
जिला अस्पताल के ब्लॉक ऑफिसर डॉ. महेंद्र पाटिल के अनुसार, सरकारी अस्पताल में एलाइजा और डॉट कार्ड सहित विभिन्न प्रकार की जांच की जाती हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच की रिपोर्ट को अंतिम माना जाता है। केवल प्लेटलेट्स कम होने से डेंगू की पुष्टि नहीं होती।
ऐसे मामलों में जांच की विधि, बीमारी के चरण और चिकित्सकीय निष्कर्षों को ध्यान में रखना जरूरी है। मरीजों को रिपोर्टों में अंतर होने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर आगे की जांच और उपचार कराना चाहिए।
मौसमी बीमारियों के मरीजों में बढ़ोतरी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते कुछ सप्ताह में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीज भी बढ़े हैं।
बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, अत्यधिक थकान और चक्कर आने जैसी शिकायतों के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बरकरार
हाल की बारिश के बाद कुछ स्थानों पर जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे हालात में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। लगातार बुखार या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।