चीताखेड़ा: आवरी माता मंदिर में नवमी पर यज्ञ-हवन और पूजन, महाप्रसाद का हुआ वितरण

नवमी पर यज्ञ-हवन में दी आहुतियां
सोमवार को प्रातः 10 बजे आवरी माता मंदिर में दुर्गा अष्टमी-नवमी यज्ञ, हवन और पूजन प्रारंभ हुआ, जो दोपहर तक चला। इस दौरान देश में अमन-चैन, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी गईं। विशेष आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन मां आवरी माता के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहा। सुबह से देर रात तक भक्तों की आवाजाही बनी रही।
कई जिलों के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां जगदंबा के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर माता के जयकारों, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने व्रत-उपवास रखकर की आराधना
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार माता को प्रसन्न करने के लिए व्रत और उपवास रख रहे हैं। कुछ भक्तों ने अन्न का त्याग किया, तो कुछ ने निर्जल व्रत रखा। कई श्रद्धालु चप्पल-जूते का त्याग कर मां जगदंबा की आराधना में लीन रहे।
आवरी माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने नवरात्रि के प्रति लोगों की गहरी आस्था और भक्ति को दर्शाया।