|
|
पूर्व परिषद ने शहर में लाखों खर्च कर शहर को सुंदर बनाने के उद्देश्य से मुख्य उद्यान गांधी वाटिका व शहर के विभिन्न पार्कों में फव्वारे लगाए थे। इससे शहर की सुंदरता तो बढ़ ही रही थी, साथ ही वहां जाने वाले बच्चों व अन्य का मनोरंजन भी हो रहा था, लेकिन अब लम्बे समय से यह सब बंद पड़े हैं, जिससे न तो शहर की सुंदरता,संवर पा रही है और न ही उन लाखों रुपयों का सदुपयोग हो पा रहा है। गांधीवाटिका का म्यूजिकल फाउंटेन समेत रोटरी डायमंड, एलआईसी टंकी के पास, राठौर पार्क, इंदिरा नगर,शास्त्री नगर,गांधी नगर व गायत्री मंदिर रोड़ आदि क्षेत्रों में लगे फव्वारे महीनों से बंद पड़े अपनी दुर्दशा पर आंसु बहा रहे हैं। इनके सुधार की नपा के जिम्मेदारों ने अब तक पहल नहीं की है।सुधार तो बहुत दूर की बात है यहां और तो और महीनों से पानी तक नहीं बदला गया है जिसके कारण उसमें काई जमने लगी है और मच्छर भी पनप रहे हैं। मान लें कि प्रशासकीय कार्यकाल में बाग-बगीचा शाखा के जिम्मेदारों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। लेकिन अब तो नई परिषद को आये हुए भी चार-पांच माह बीत गए है। नई परिषद के जिम्मेदारों ने भी शहर में बंद पढ़े फव्वारों और गांधी वाटिका के म्यूजिकल फाउंटेन को चालू करवाने की कवायद नहीं की, लेकिन बीते करीब एक माह पहले नपपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने गांधी वाटिका का निरीक्षण कर म्यूजिकल फाउंटेन को चालू करवाने की बात कही थी। आश्चर्य की बात तो यह है उनके निरीक्षण के बाद भी फाउंटेन के सुधार का कोई कार्य अब तक प्रारम्भ नहीं हो पाया है। इनका कहना गांधी वाटिका का म्यूजिकल फाउंटेन खराब है, उसे जल्द ही सही करवाते हैं। कुछ पार्कों में पानी की समस्या के कारण फव्वारे नहीं चल पा रहे हैं। उनका भी शीघ्र निराकरण करेंगे।-जमनालाल पाटीदार, प्रभारी, बाग-बगीचा शाखा नपा नीमच परिषद में गार्डन की योजना है, सूची बनवा रहे हैं। शीघ्र कार्य प्रारंभ करवा देंगे,गांधी वाटिका में क्या समस्या हैं उसका परीक्षण करवा कर उसे भी सुधार दिया जाएगा।- मनोहर मोटवानी, सभापति, लोक निर्माण व बाग-बगीचा शाखा, नपा नीमच परिषद का बहाना बनाते हैं, |
पूर्व परिषद ने शहर में लाखों खर्च कर शहर को सुंदर बनाने के उद्देश्य से मुख्य उद्यान गांधी वाटिका व शहर के विभिन्न पार्कों में फव्वारे लगाए थे। इससे शहर की सुंदरता तो बढ़ ही रही थी, साथ ही वहां जाने वाले बच्चों व अन्य का मनोरंजन भी हो रहा था, लेकिन अब लम्बे समय से यह सब बंद पड़े हैं, जिससे न तो शहर की सुंदरता,संवर पा रही है और न ही उन लाखों रुपयों का सदुपयोग हो पा रहा है।
गांधीवाटिका का म्यूजिकल फाउंटेन समेत रोटरी डायमंड, एलआईसी टंकी के पास, राठौर पार्क, इंदिरा नगर,शास्त्री नगर,गांधी नगर व गायत्री मंदिर रोड़ आदि क्षेत्रों में लगे फव्वारे महीनों से बंद पड़े अपनी दुर्दशा पर आंसु बहा रहे हैं।
इनके सुधार की नपा के जिम्मेदारों ने अब तक पहल नहीं की है।सुधार तो बहुत दूर की बात है यहां और तो और महीनों से पानी तक नहीं बदला गया है जिसके कारण उसमें काई जमने लगी है और मच्छर भी पनप रहे हैं। मान लें कि प्रशासकीय कार्यकाल में बाग-बगीचा शाखा के जिम्मेदारों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
लेकिन अब तो नई परिषद को आये हुए भी चार-पांच माह बीत गए है। नई परिषद के जिम्मेदारों ने भी शहर में बंद पढ़े फव्वारों और गांधी वाटिका के म्यूजिकल फाउंटेन को चालू करवाने की कवायद नहीं की, लेकिन बीते करीब एक माह पहले नपपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने गांधी वाटिका का निरीक्षण कर म्यूजिकल फाउंटेन को चालू करवाने की बात कही थी। आश्चर्य की बात तो यह है उनके निरीक्षण के बाद भी फाउंटेन के सुधार का कोई कार्य अब तक प्रारम्भ नहीं हो पाया है।
इनका कहना
गांधी वाटिका का म्यूजिकल फाउंटेन खराब है, उसे जल्द ही सही करवाते हैं। कुछ पार्कों में पानी की समस्या के कारण फव्वारे नहीं चल पा रहे हैं। उनका भी शीघ्र निराकरण करेंगे।-जमनालाल पाटीदार, प्रभारी, बाग-बगीचा शाखा नपा नीमच
परिषद में गार्डन की योजना है, सूची बनवा रहे हैं। शीघ्र कार्य प्रारंभ करवा देंगे,गांधी वाटिका में क्या समस्या हैं उसका परीक्षण करवा कर उसे भी सुधार दिया जाएगा।- मनोहर मोटवानी, सभापति, लोक निर्माण व बाग-बगीचा शाखा, नपा नीमच
परिषद का बहाना बनाते हैं,