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जयपुर। प्रदेशभर में गुरुवार आधी रात से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर एसोसिएशन ने 31 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इसके चलते प्रदेशभर में चल रही करीब 8 हजार स्लीपर बसें सड़कों से गायब हो जाएंगी। इन बसों में औसतन 3 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं।एसोसिएशन के सचिव राजेंद्र परिहार ने बुधवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यात्रियों को होने वाली असुविधा पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।हड़ताल का कारण बताते हुए एसोसिएशन ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा 29 अक्टूबर को जारी आदेश के बाद निजी बसों पर चेकिंग के नाम पर भारी जुर्माने और बसों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। यह एकतरफा कदम है, जिससे बस ऑपरेटरों में आक्रोश है।एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले भी सरकार से आग्रह किया था कि यदि किसी बस में नियमों की कमी है, तो सुधार के लिए कुछ समय दिया जाए। साथ ही, जो नियम निजी बसों पर लागू हैं, वे सरकारी बसों पर भी लागू किए जाएं, लेकिन विभाग केवल निजी बस संचालकों पर कार्रवाई कर रहा है।एसोसिएशन ने यात्रियों से हड़ताल के दौरान वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने की अपील की है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
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जयपुर। प्रदेशभर में गुरुवार आधी रात से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर एसोसिएशन ने 31 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इसके चलते प्रदेशभर में चल रही करीब 8 हजार स्लीपर बसें सड़कों से गायब हो जाएंगी। इन बसों में औसतन 3 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं।एसोसिएशन के सचिव राजेंद्र परिहार ने बुधवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यात्रियों को होने वाली असुविधा पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।हड़ताल का कारण बताते हुए एसोसिएशन ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा 29 अक्टूबर को जारी आदेश के बाद निजी बसों पर चेकिंग के नाम पर भारी जुर्माने और बसों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। यह एकतरफा कदम है, जिससे बस ऑपरेटरों में आक्रोश है।एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले भी सरकार से आग्रह किया था कि यदि किसी बस में नियमों की कमी है, तो सुधार के लिए कुछ समय दिया जाए। साथ ही, जो नियम निजी बसों पर लागू हैं, वे सरकारी बसों पर भी लागू किए जाएं, लेकिन विभाग केवल निजी बस संचालकों पर कार्रवाई कर रहा है।एसोसिएशन ने यात्रियों से हड़ताल के दौरान वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने की अपील की है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।