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मंदसौर। शहर में गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) का सामूहिक होली मिलन समारोह का आयोजन पुरानी बस स्टैंड के पीछे एक निजी होटल मे सम्पन्न हुओ। इस अवसर पर सक्रिय एनजीओ ग्रुप मंदसौर द्वारा लंबे समय से बचपन बचाओ आंदोलन एवं कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक सेवा में कार्यरत रहे पं. महेश दुबे (डबको) का सम्मान किया गया। सम्मान के बाद अपने उद्बोधन में पं. महेश दुबे ने कहा कि उन्हें मिला यह सम्मान उनके जीवन में किए गए सेवाकार्यों का पारिश्रमिक से भी बढ़कर है। उन्होंने कहा कि एनजीओ क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने कभी अपने लिए नहीं, बल्कि अभावग्रस्त बच्चों, स्लेट-पेंसिल कारखानों में कार्यरत मजदूरों और जरूरतमंद महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य तो कई लोग व्यक्तिगत स्तर पर करते हैं, लेकिन गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से कार्य करना समाज सेवा को संगठित, कानूनी और अधिक प्रभावशाली रूप देता है। एनजीओ का उद्देश्य बिना लाभ (नॉन-प्रॉफिट) के शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, मानवाधिकार और मजदूरों के अधिकार जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार करना है। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बच्चों और महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करें। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए रूरल पब्लिक सर्विसेज के डायरेक्टर राधेश्याम मारू ने पं. महेश दुबे को मंदसौर के एनजीओ क्षेत्र का वटवृक्ष बताते हुए उन्हें “एनजीओ का पितृपुरुष” बताया और सभी का परिचय करवाया गया। कार्यक्रम के सूत्रधार संस्था प्रियदर्शन के अध्यक्ष दिनेश सोलंकी ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में पं. महेश दुबे को सभी लोग स्नेहपूर्वक “चाचा दुबे” के नाम से जानते हैं। उन्होंने कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के साथ कार्य करते हुए बाल अधिकारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और संस्था की गतिविधियों को गति प्रदान की। एनजीओ सलाहकार बलराम राठौर ने कहा कि होली मिलन समारोह के माध्यम से सभी सामाजिक संगठन एक मंच पर एकत्र हुए हैं और वरिष्ठ समाजसेवी का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजन करते रहने की बात कही। निडर युवा सेवा संस्था के अध्यक्ष शहजाद हुसैन ने कहा कि यदि एनजीओ को सही प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो वंचित वर्गों को सरकारी नौकरी के बिना भी आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता ललित गुप्ता ने कहा कि एनजीओ एक गैर-राजनीतिक और गैर-सरकारी संगठन होता है, जो निस्वार्थ और निष्पक्ष भाव से समाज में सेवा कार्य करता है और इसी कारण ऐसे संगठन समाज में टिक पाते हैं। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद से संबद्ध नवांकुर संस्था श्री-श्री मां के राधिका-पं. गोपाल शास्त्री ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में जनजागृति और सामाजिक संगठनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। संस्था एक निश्चय के अंकित पालीवाल ने कार्यक्रम में वक्ताओं ने डिजिटल भारत के दौर में एनजीओ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जागरूकता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। सामाजिक क्षेत्र मे कार्यरत श्रीमती उषा सोलंकी ने बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए एनजीओ के कार्यक्षेत्र में अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सहभोज और आपसी परिचय के माध्यम से सभी को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम मारू ने किया तथा आभार पं. गोपाल शास्त्री ने व्यक्त किया। इस अवसर पर एनजीओ ग्रुप मंदसौर के अनेक सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। |
मंदसौर। शहर में गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) का सामूहिक होली मिलन समारोह का आयोजन पुरानी बस स्टैंड के पीछे एक निजी होटल मे सम्पन्न हुओ। इस अवसर पर सक्रिय एनजीओ ग्रुप मंदसौर द्वारा लंबे समय से बचपन बचाओ आंदोलन एवं कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक सेवा में कार्यरत रहे पं. महेश दुबे (डबको) का सम्मान किया गया। सम्मान के बाद अपने उद्बोधन में पं. महेश दुबे ने कहा कि उन्हें मिला यह सम्मान उनके जीवन में किए गए सेवाकार्यों का पारिश्रमिक से भी बढ़कर है। उन्होंने कहा कि एनजीओ क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने कभी अपने लिए नहीं, बल्कि अभावग्रस्त बच्चों, स्लेट-पेंसिल कारखानों में कार्यरत मजदूरों और जरूरतमंद महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य तो कई लोग व्यक्तिगत स्तर पर करते हैं, लेकिन गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से कार्य करना समाज सेवा को संगठित, कानूनी और अधिक प्रभावशाली रूप देता है। एनजीओ का उद्देश्य बिना लाभ (नॉन-प्रॉफिट) के शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, मानवाधिकार और मजदूरों के अधिकार जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार करना है। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बच्चों और महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करें। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए रूरल पब्लिक सर्विसेज के डायरेक्टर राधेश्याम मारू ने पं. महेश दुबे को मंदसौर के एनजीओ क्षेत्र का वटवृक्ष बताते हुए उन्हें “एनजीओ का पितृपुरुष” बताया और सभी का परिचय करवाया गया। कार्यक्रम के सूत्रधार संस्था प्रियदर्शन के अध्यक्ष दिनेश सोलंकी ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में पं. महेश दुबे को सभी लोग स्नेहपूर्वक “चाचा दुबे” के नाम से जानते हैं। उन्होंने कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के साथ कार्य करते हुए बाल अधिकारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और संस्था की गतिविधियों को गति प्रदान की। एनजीओ सलाहकार बलराम राठौर ने कहा कि होली मिलन समारोह के माध्यम से सभी सामाजिक संगठन एक मंच पर एकत्र हुए हैं और वरिष्ठ समाजसेवी का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजन करते रहने की बात कही। निडर युवा सेवा संस्था के अध्यक्ष शहजाद हुसैन ने कहा कि यदि एनजीओ को सही प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो वंचित वर्गों को सरकारी नौकरी के बिना भी आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता ललित गुप्ता ने कहा कि एनजीओ एक गैर-राजनीतिक और गैर-सरकारी संगठन होता है, जो निस्वार्थ और निष्पक्ष भाव से समाज में सेवा कार्य करता है और इसी कारण ऐसे संगठन समाज में टिक पाते हैं। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद से संबद्ध नवांकुर संस्था श्री-श्री मां के राधिका-पं. गोपाल शास्त्री ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में जनजागृति और सामाजिक संगठनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। संस्था एक निश्चय के अंकित पालीवाल ने कार्यक्रम में वक्ताओं ने डिजिटल भारत के दौर में एनजीओ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जागरूकता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। सामाजिक क्षेत्र मे कार्यरत श्रीमती उषा सोलंकी ने बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए एनजीओ के कार्यक्षेत्र में अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सहभोज और आपसी परिचय के माध्यम से सभी को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम मारू ने किया तथा आभार पं. गोपाल शास्त्री ने व्यक्त किया। इस अवसर पर एनजीओ ग्रुप मंदसौर के अनेक सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।