नई विधा — नीमच न्यूज़

18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर माता-पिता की सहमति की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस दिया

विकास · नई दिल्ली · · अपडेट: · नई विधा डेस्क

18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर माता-पिता की सहमति की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस दिया

नई दिल्ली, 10 सितंबर। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है। याचिका में नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनिवार्य भागीदारी सहित कई उपाय लागू करने की मांग की गई है।

यह याचिका जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस नामक एनजीओ की ओर से दायर की गई है। याचिका में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की पहुंच से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर चिंता जताई गई है।

याचिका में क्या मांग की गई?

याचिका में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 में बदलाव या नाबालिगों की डिजिटल सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता की मांग है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेवा उपलब्ध कराने से पहले माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अभिभावक की पहचान की पुष्टि या ई-केवाईसी जैसी व्यवस्था अपनाने का सुझाव दिया गया है।

अभिभावक की भागीदारी वाली प्रक्रिया की मांग

याचिका में कहा गया है कि यदि किसी नाबालिग को सोशल मीडिया या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है, तो इसके लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की भागीदारी वाली कानूनी रूप से मान्य प्रक्रिया होनी चाहिए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि अभिभावक का सत्यापन सेवा की प्रकृति और उससे जुड़े जोखिम के आधार पर किया जा सकता है।

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता

याचिका में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से बच्चों के सामने आने वाले कई संभावित जोखिमों का उल्लेख किया गया है। इनमें ऑनलाइन ग्रूमिंग, यौन शोषण, निजी डेटा के दुरुपयोग, साइबर बुलिंग, व्यवहार की प्रोफाइलिंग और उम्र के अनुरूप नहीं होने वाले कंटेंट जैसी चिंताएं शामिल हैं।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि बच्चों की डिजिटल गतिविधियों के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और अभिभावकीय निगरानी आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का क्या मतलब है?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए जाने का अर्थ यह है कि अदालत ने याचिका पर सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने का कोई नया सुप्रीम कोर्ट आदेश लागू नहीं हुआ है। आगे की स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और सरकार के जवाब के बाद स्पष्ट होगी।

टैग: Supreme Court, Social Media, Child Safety, Digital Safety, Online Safety, Parental Consent, Cyber Safety, New Delhi, India News

और पढ़ें: नीमच विकास समाचार — सड़क, योजना और निर्माण · नीमच न्यूज़ होम