बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड डंपरों से मिट्टी परिवहन का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

स्थान: अठाना, नीमच।
क्षेत्र में मिट्टी के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों रामेश्वर राकड़, लालाराम, प्रकाश चंद्र सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि खोर क्षेत्र में विक्रम फैक्ट्री के आसपास से मिट्टी निकालकर बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड डंपरों के जरिए राजस्थान के कनेरा क्षेत्र तक पहुंचाई जा रही है।
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों को नुकसान की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार, खोर से हनुमंतिया और अठाना होते हुए राजस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर दिन-रात भारी डंपरों की आवाजाही हो रही है। आरोप है कि कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट दिखाई नहीं देती और उनमें निर्धारित क्षमता से अधिक मिट्टी भरी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पहले से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति और खराब हो रही है। इन मार्गों का उपयोग किसान, विद्यार्थी, ग्रामीण और छोटे वाहन चालक भी करते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
खनिज और परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल
ग्रामीणों ने मिट्टी के उत्खनन और परिवहन की वैधता को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित स्थान पर मिट्टी निकालने की अनुमति, परिवहन के जरूरी दस्तावेज और वाहनों की भार क्षमता की जांच होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने खनिज विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन से संयुक्त जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वाहनों की पहचान और दस्तावेजों की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से खोर क्षेत्र में मिट्टी के उत्खनन से लेकर राजस्थान तक हो रहे परिवहन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अवैध उत्खनन, दस्तावेजों की कमी या ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। अब संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।