मध्य प्रदेश में हजारों कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ होने की उम्मीद, CPCT नियमों में छूट पर सरकार तैयार

स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश।
मध्य प्रदेश में हजारों कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद है। कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (CPCT) की अनिवार्यता को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्टीकरण जारी करने के लिए परिपत्र का प्रारूप तैयार किया है। इसे मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। कर्मचारी संघ के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी होने की संभावना है।
CPCT अनिवार्यता के कारण अटकी पदोन्नतियां
प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति के लिए CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य माना गया है। कृषि, उद्योग सहित विभिन्न विभागों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति दी गई थी। बाद में CPCT उत्तीर्ण किए बिना पदोन्नति दिए जाने को लेकर शिकायतें सामने आईं।
इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों को निर्देश दिए कि नियमों के तहत छूट केवल शीघ्रलेखन के लिए दी गई है, जबकि CPCT उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इन निर्देशों के आधार पर कुछ विभागों ने पदोन्नत कर्मचारियों को उनके पूर्व पदों पर वापस कर दिया था।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद तैयार हुआ प्रस्ताव
इस मामले को कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने उठाया। संगठनों ने पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि उनमें 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को छूट दिए जाने का प्रावधान था।
इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने सामान्य प्रशासन विभाग को नोटशीट लिखकर मामले में बीच का रास्ता निकालने के लिए कहा। विभाग ने पुराने परिपत्रों की समीक्षा के बाद छूट से संबंधित स्पष्टीकरण का प्रारूप तैयार कर मुख्य सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा है।
दो-तीन दिन में जारी हो सकता है स्पष्टीकरण
राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा के अनुसार, संगठन सामान्य प्रशासन विभाग के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अगले दो-तीन दिनों में स्पष्टीकरण जारी होने की संभावना है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो CPCT नियमों के कारण प्रभावित कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय और छूट की वास्तविक शर्तें आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।