|
|
मध्य पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब और अधिक खतरनाक हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों — फोर्डो, नतांज और इस्फहान — पर सफलतापूर्वक हवाई हमले किए हैं।
ट्रंप ने लिखा, "हमने फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सफलतापूर्वक बमबारी की है। सभी विमान अब ईरानी वायु क्षेत्र से बाहर आ चुके हैं और सुरक्षित लौट चुके हैं। हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई — अब शांति का समय है।" ट्रंप ने यह भी बताया कि फोर्डो पर "सभी बम" गिराए गए हैं और यह मिशन अमेरिकी सैन्य ताकत का प्रतीक है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने प्रशांत महासागर स्थित गुआम एयरबेस से B2 स्टील्थ बॉम्बर्स रवाना किए थे। पहले से आशंका जताई जा रही थी कि ये विमान किसी बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा हो सकते हैं। अब यह स्पष्ट हो गया है कि इन्हीं विमानों ने ईरान पर हवाई हमले किए। हालांकि, यह पुष्टि नहीं हुई है कि इस ऑपरेशन में इजरायली वायुसेना की कोई भागीदारी रही या नहीं।
दोनों देशों में भारी नुकसान
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में 13 जून से अब तक 657 लोगों की मौत हुई है और 2000 से अधिक घायल हुए हैं। वहीं ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 430 मौतों और 3,500 घायलों की पुष्टि की है। दूसरी ओर, इजराइल में अब तक 24 लोगों की मौत और 900 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, "ईरान आत्मरक्षा का पूरा अधिकार रखता है और हम अपने नागरिकों, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर विकल्प पर विचार करेंगे।"
अराकची ने इस हमले को अवैध और आपराधिक करार देते हुए कहा, "आज सुबह जो हुआ वह बेहद खतरनाक है। इसका प्रभाव लंबे समय तक रहेगा और दुनिया के हर देश को इसे लेकर चिंता करनी चाहिए।"
क्या युद्ध की ओर बढ़ रहा है टकराव?
विश्लेषकों का मानना है कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें पश्चिम एशिया की ओर हैं। यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस अमेरिकी कार्रवाई का क्या जवाब देता है और क्या यह संघर्ष एक और बड़े युद्ध में तब्दी
ल हो सकता है।