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नीमच, निप्र। पुलिस जिले में अपराधों की रोकथाम के हर संभव प्रयास कर रही है। जिले में आबादी के साथ ही सालदर साल अपराधों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। लोग रातों रात सपने पूरे करने की ललक में अपराध की ओर कदम रख रहे हैं, जिनमें 90 फीसदी युवा वर्ग है। हालत यह है कि बीते वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अपहरण और हम्या के मामले बढ़ गए हैं।
लक्झरी गाड़ियों का शौक, अवांछित सपने और परिश्रम की कमी लोगों को अपराध की ओर धकेल रही है। जिले की आबादी के साथ ही यहां अपराध भी बढ़ रहे हैं। शासन द्वारा शुरू की गई जन सुनवाई, हल्प लाइन और एफआरव्ही (डायल 100) सुविधा के साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं में शुमार सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस टीम मुस्तैदी से काम कर रही है।
महिला अपराधों पर आंशिक अंकुश
सरकार ने महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून बनाया है। इसके बावजूद जिले में महिलाओं को प्रताड़ित करने से लेकर शोषण के मामले बढ़ रहे हैं। संतोषजनक तथ्य यह है कि तीन वर्षों की अविधि में ऐसे मामलों पर आंशिक ही सही अंकुश लगा है। पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में वर्ष 2022 में महिला अपराध संबंधी 816 मामले थे, वर्ष 2023 में 620 प्रकरण बने, जबकि वर्ष 2024 में अब तक 610 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ऐसे ही जिले में वर्ष 2022 में 14071 प्रकरण आए थे, जिन पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2023 में प्रतिंबंधित कार्रवाई की ऐसे 17683 प्रकरण दर्ज किए गए जबकि वर्ष 2024 में 18294 मामलों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
अपहरण और हत्या के मामले बढ़े
जिले में लोगों में संवेदनशीलता कम होने लगी है। कोई हवस पूरी करने के लिए तो कोई रंजिशवश अपहरण की घटना को अंजाम दे रहा है। भूमि और संपत्ति के अलावा अवैध संबंधों के चलते हत्या के मामले भी बढ़ गए हैं। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में जिले में 11 हत्याएं हुई थी, जबकि वर्ष 2023 में हत्या के 13 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2024 में हत्या के 15 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2022 में हत्या के प्रयास के 10, वर्ष 2023 में 19 एवं वर्ष 2024 में हत्या के प्रयास के 10 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
बढ़े तस्करी के मामले
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के मामले बढ़े हैं। एक वर्ष में 134 प्रकरण बनाए गए हैं। जिनमें लोगों को 264 आरोपी बनाया जाकर प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए हैं। इन आरोपियों से 43.94 किलो अवैध अफीम,91.15 किलो गांजा,28867.08 किलो अवैध डोडा चूरा,102 ग्राम एमडी ड्रग, 375.450 ग्राम अल्प्राजोलम ड्रग जब्त की गई है।
जुआरी और सटोरियों की बढ़ी तादाद
जिले में जुआरियों और सटोरियों की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है। पुलिस की चौकसी के बावजूद जिले में सट्टा और जुआ का कारोबार फलफूल रहा है। लोगों में दहशत फैलाने के लिए चाकू और तलवार लेकर घूमना और शराबखोरी करना भी आम बात हो गई है। हालत यह है कि वर्ष 2022 में पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट के 153, एक्साइज एक्ट के 903, जुआ एक्ट के 146, सट्टा एक्ट के 185 के प्रकरण बने। वहीं वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट के 163, एक्साइज एक्ट के 964, जुआ एक्ट के 142, सट्टा एक्ट के 182 के प्रकरण बने। वर्ष 2024 में आर्म्स एक्ट के 165, एक्साइज एक्ट के 1042, जुआ एक्ट के 137, सट्टा एक्ट के 215 के प्रकरण बनाए गए हैं।
यहां पुलिस ने पाई सफलता, अपराधियों को भिजवाया जेल
यह बात और है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, लूट एवं हत्या के माले बढ़े हैं,लेकिन संतोष की बात यह है कि पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने की भरपूर कोशिश भी की है। नतीजतन बड़ी संख्या में आरोपियों को पकड़ा गया और न्यायालय के सुपुर्द कर जेल भिजवाया गया है। खास बात यह कि लूट के मामलों में पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र के बल पर 88 प्रतिशत मामलों में राजपाश करने में सफलता हॉसिल की है। वही लुटेरों से लूटे गए माल की 80.04 प्रतिशत बरामदगी में भी पुलिस ने कामयाबी हासिल की। वाहन चोरी के 50 प्रतिशत मामलों का खुलासा किया गया और चोरी गए वाहनों की बरामदगी के मामलों में भी पुलिस ने 75 फीसदी सफलता हासिल की है।
इनका कहना है.. पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का काम कर रही पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। यही कारण है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों के अधिक मामले पकड़े गए और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भिजवाया गया है। चोरी और लूट के मामलों में गायब किया हुआ सामान बरामद करने में भी पुलिस ने सफलता हासिल की है। अपराधों पर अंकुश लगाने में सामुदायिक मदद भी जरूरी है। हम लोग यथा संभव सभी तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने और अच्छे समाज निर्माण की भूमिका में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं। – अंकित जायसवाल, पुलिस अधीक्षक नीमच।
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नीमच, निप्र। पुलिस जिले में अपराधों की रोकथाम के हर संभव प्रयास कर रही है। जिले में आबादी के साथ ही सालदर साल अपराधों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। लोग रातों रात सपने पूरे करने की ललक में अपराध की ओर कदम रख रहे हैं, जिनमें 90 फीसदी युवा वर्ग है। हालत यह है कि बीते वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अपहरण और हम्या के मामले बढ़ गए हैं।
लक्झरी गाड़ियों का शौक, अवांछित सपने और परिश्रम की कमी लोगों को अपराध की ओर धकेल रही है। जिले की आबादी के साथ ही यहां अपराध भी बढ़ रहे हैं। शासन द्वारा शुरू की गई जन सुनवाई, हल्प लाइन और एफआरव्ही (डायल 100) सुविधा के साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं में शुमार सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस टीम मुस्तैदी से काम कर रही है।
महिला अपराधों पर आंशिक अंकुश
सरकार ने महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून बनाया है। इसके बावजूद जिले में महिलाओं को प्रताड़ित करने से लेकर शोषण के मामले बढ़ रहे हैं। संतोषजनक तथ्य यह है कि तीन वर्षों की अविधि में ऐसे मामलों पर आंशिक ही सही अंकुश लगा है। पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में वर्ष 2022 में महिला अपराध संबंधी 816 मामले थे, वर्ष 2023 में 620 प्रकरण बने, जबकि वर्ष 2024 में अब तक 610 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ऐसे ही जिले में वर्ष 2022 में 14071 प्रकरण आए थे, जिन पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2023 में प्रतिंबंधित कार्रवाई की ऐसे 17683 प्रकरण दर्ज किए गए जबकि वर्ष 2024 में 18294 मामलों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
अपहरण और हत्या के मामले बढ़े
जिले में लोगों में संवेदनशीलता कम होने लगी है। कोई हवस पूरी करने के लिए तो कोई रंजिशवश अपहरण की घटना को अंजाम दे रहा है। भूमि और संपत्ति के अलावा अवैध संबंधों के चलते हत्या के मामले भी बढ़ गए हैं। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में जिले में 11 हत्याएं हुई थी, जबकि वर्ष 2023 में हत्या के 13 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2024 में हत्या के 15 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2022 में हत्या के प्रयास के 10, वर्ष 2023 में 19 एवं वर्ष 2024 में हत्या के प्रयास के 10 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
बढ़े तस्करी के मामले
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के मामले बढ़े हैं। एक वर्ष में 134 प्रकरण बनाए गए हैं। जिनमें लोगों को 264 आरोपी बनाया जाकर प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए हैं। इन आरोपियों से 43.94 किलो अवैध अफीम,91.15 किलो गांजा,28867.08 किलो अवैध डोडा चूरा,102 ग्राम एमडी ड्रग, 375.450 ग्राम अल्प्राजोलम ड्रग जब्त की गई है।
जुआरी और सटोरियों की बढ़ी तादाद
जिले में जुआरियों और सटोरियों की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है। पुलिस की चौकसी के बावजूद जिले में सट्टा और जुआ का कारोबार फलफूल रहा है। लोगों में दहशत फैलाने के लिए चाकू और तलवार लेकर घूमना और शराबखोरी करना भी आम बात हो गई है। हालत यह है कि वर्ष 2022 में पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट के 153, एक्साइज एक्ट के 903, जुआ एक्ट के 146, सट्टा एक्ट के 185 के प्रकरण बने। वहीं वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट के 163, एक्साइज एक्ट के 964, जुआ एक्ट के 142, सट्टा एक्ट के 182 के प्रकरण बने। वर्ष 2024 में आर्म्स एक्ट के 165, एक्साइज एक्ट के 1042, जुआ एक्ट के 137, सट्टा एक्ट के 215 के प्रकरण बनाए गए हैं।
यहां पुलिस ने पाई सफलता, अपराधियों को भिजवाया जेल
यह बात और है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, लूट एवं हत्या के माले बढ़े हैं,लेकिन संतोष की बात यह है कि पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने की भरपूर कोशिश भी की है। नतीजतन बड़ी संख्या में आरोपियों को पकड़ा गया और न्यायालय के सुपुर्द कर जेल भिजवाया गया है। खास बात यह कि लूट के मामलों में पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र के बल पर 88 प्रतिशत मामलों में राजपाश करने में सफलता हॉसिल की है। वही लुटेरों से लूटे गए माल की 80.04 प्रतिशत बरामदगी में भी पुलिस ने कामयाबी हासिल की। वाहन चोरी के 50 प्रतिशत मामलों का खुलासा किया गया और चोरी गए वाहनों की बरामदगी के मामलों में भी पुलिस ने 75 फीसदी सफलता हासिल की है।
इनका कहना है..
पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का काम कर रही
पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। यही कारण है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों के अधिक मामले पकड़े गए और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भिजवाया गया है। चोरी और लूट के मामलों में गायब किया हुआ सामान बरामद करने में भी पुलिस ने सफलता हासिल की है। अपराधों पर अंकुश लगाने में सामुदायिक मदद भी जरूरी है। हम लोग यथा संभव सभी तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने और अच्छे समाज निर्माण की भूमिका में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं। –
अंकित जायसवाल, पुलिस अधीक्षक नीमच।
NDA | INDIA | OTHERS |
293 | 234 | 16 |
NDA | INDIA | OTHERS |
265-305 | 200 -240 | 15-30 |