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रामपुरा।शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में *भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध सन्दर्भ* विषय पर दिनांक 13 दिसम्बर को विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रमुख वक्ता मनासा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारु जी थे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माँ शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन माल्यार्पण और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया ।मंचासीन अतिथियों में मनासा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्रीअनिरुद्ध माधव मारु जी, रामपुरा मंडल अध्यक्ष श्री गोपाल गुर्जर जी ,दीनदयाल मंडल अध्यक्ष श्री कैलाश पुरोहित जी थे ।अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ.बलराम सोनी,वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो.जेड.एच.बोहरा एवं महाविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों द्वारा किया गया । मुख्य वक्ता आदरणीय विधायक महोदय श्री अनिरुद्ध माधव मारु ने अपने उद्बोधन में कहा की भारतीय ज्ञान परम्परा अद्वितीय ज्ञान और प्रज्ञा का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान और विज्ञान, लौकिक और पारलौकिक, कर्म और धर्म तथा त्याग का अद्भुत समन्वय है। ऋग्वेद के समय से ही शिक्षा प्रणाली जीवन के नैतिक, भौतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक मूल्यों पर केंद्रित होकर विनम्रता, सत्यता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सभी के लिए सम्मान जैसे मूल्यों पर जोर देती थीं। वेदों में विद्या को मनुष्यता की श्रेष्ठता का आधार स्वीकार किया गया था।भारतीय ज्ञान परंपरा एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है जो मानव कल्याण और सामाजिक समरसता पर भी केंद्रित है। भारतीय ज्ञान परंपरा का उद्देश्य हमारी प्राचीनतम् भारतीय ज्ञान, विरासत, परंपरा एवं शिक्षण पद्धतियों के सनातन मूल्यों को आधुनिक शैक्षणिक पद्धति व व्यवस्था में अभिसिंचित करना है। दैनिक जीवन की कई परंपराओं के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परम्परा की संस्कृति और मूल्यों को अपने जीवन मे आत्मसात करने और एकाग्रचित होकर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभिप्रेरित किया। इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा संचालित विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाणपत्र ,राष्ट्रीय सेवा योजना में तीन वर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र और महाविद्यालय के कॉमर्स विभाग द्वारा कॉमर्स विषय में उच्च परिणाम प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम को अपनी गरिमामय उपस्थिति से महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष श्री करुण माहेश्वरी जी,सांसद प्रतिनिधि श्री विजय दानगढ जी, महाविद्यालय के सांसद प्रतिनिधि श्री घनश्याम पाटीदार जी,महाविद्यालय के विधायक प्रतिनिधि श्री सोमेश श्रीवास्तव जी, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री राकेश जी जैन,युवा नेता श्री चंदन जी देवड़ा, रामपुरा नगर के गणमान्य नागरिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य और विद्यार्थी,जनभागीदारी समिति के सदस्यजन श्री अशोक जी कारा, श्री अंकित जी खंडूजा, श्री मनोज जी गेरा आदि गणमान्य नागरिको ने सुशोभित किया । कार्यक्रम के पश्चात् जनभागीदारी की बैठक भी संपन्न हुई । विशिष्ट व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन डॉ.मुक्ता दुबे एवं आभार प्रदर्शन प्रो.आशीष कुमार सोनी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और महाविद्यालय परिवार ने उत्साह के साथ सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया । विकास के पुरोधा माननीय विधायक महोदय ने जनभागीदारी अध्यक्ष श्री करुण माहेश्वरी के निवेदन पर महाविद्यालय को एक ऑडिटोरियम हॉल बनाने की स्वीकृति प्रदान की। उक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ.महेश कुमार चांदना द्वारा दी गई l |
भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में सनातन मूल्यों को आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था में अभिसिंचित करना है- मनासा विधानसभा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारु
रामपुरा।शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में *भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध सन्दर्भ* विषय पर दिनांक 13 दिसम्बर को विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रमुख वक्ता मनासा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारु जी थे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माँ शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन माल्यार्पण और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया ।मंचासीन अतिथियों में मनासा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्रीअनिरुद्ध माधव मारु जी, रामपुरा मंडल अध्यक्ष श्री गोपाल गुर्जर जी ,दीनदयाल मंडल अध्यक्ष श्री कैलाश पुरोहित जी थे ।अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ.बलराम सोनी,वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो.जेड.एच.बोहरा एवं महाविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों द्वारा किया गया । मुख्य वक्ता आदरणीय विधायक महोदय श्री अनिरुद्ध माधव मारु ने अपने उद्बोधन में कहा की भारतीय ज्ञान परम्परा अद्वितीय ज्ञान और प्रज्ञा का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान और विज्ञान, लौकिक और पारलौकिक, कर्म और धर्म तथा त्याग का अद्भुत समन्वय है। ऋग्वेद के समय से ही शिक्षा प्रणाली जीवन के नैतिक, भौतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक मूल्यों पर केंद्रित होकर विनम्रता, सत्यता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सभी के लिए सम्मान जैसे मूल्यों पर जोर देती थीं। वेदों में विद्या को मनुष्यता की श्रेष्ठता का आधार स्वीकार किया गया था।भारतीय ज्ञान परंपरा एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है जो मानव कल्याण और सामाजिक समरसता पर भी केंद्रित है। भारतीय ज्ञान परंपरा का उद्देश्य हमारी प्राचीनतम् भारतीय ज्ञान, विरासत, परंपरा एवं शिक्षण पद्धतियों के सनातन मूल्यों को आधुनिक शैक्षणिक पद्धति व व्यवस्था में अभिसिंचित करना है। दैनिक जीवन की कई परंपराओं के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परम्परा की संस्कृति और मूल्यों को अपने जीवन मे आत्मसात करने और एकाग्रचित होकर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभिप्रेरित किया। इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा संचालित विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाणपत्र ,राष्ट्रीय सेवा योजना में तीन वर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र और महाविद्यालय के कॉमर्स विभाग द्वारा कॉमर्स विषय में उच्च परिणाम प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम को अपनी गरिमामय उपस्थिति से महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष श्री करुण माहेश्वरी जी,सांसद प्रतिनिधि श्री विजय दानगढ जी, महाविद्यालय के सांसद प्रतिनिधि श्री घनश्याम पाटीदार जी,महाविद्यालय के विधायक प्रतिनिधि श्री सोमेश श्रीवास्तव जी, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री राकेश जी जैन,युवा नेता श्री चंदन जी देवड़ा, रामपुरा नगर के गणमान्य नागरिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य और विद्यार्थी,जनभागीदारी समिति के सदस्यजन श्री अशोक जी कारा, श्री अंकित जी खंडूजा, श्री मनोज जी गेरा आदि गणमान्य नागरिको ने सुशोभित किया । कार्यक्रम के पश्चात् जनभागीदारी की बैठक भी संपन्न हुई । विशिष्ट व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन डॉ.मुक्ता दुबे एवं आभार प्रदर्शन प्रो.आशीष कुमार सोनी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और महाविद्यालय परिवार ने उत्साह के साथ सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया । विकास के पुरोधा माननीय विधायक महोदय ने जनभागीदारी अध्यक्ष श्री करुण माहेश्वरी के निवेदन पर महाविद्यालय को एक ऑडिटोरियम हॉल बनाने की स्वीकृति प्रदान की। उक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ.महेश कुमार चांदना द्वारा दी गई l
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265-305 | 200 -240 | 15-30 |