सिंगोली से ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट
स्वर्गीय बसंती लाल जी गर्ग की धर्मपत्नी,व अशोक कुमार शर्मा की माताजी अध्यापक भूपेश शर्मा वह पत्रकार राजेश शर्मा की बड़ी मम्मी, पवन निलेश योगेश शिवम शर्मा की पूज्य दादी जी
सोहनी,बाई गर्ग झांतला,का बुधवार शाम 5:15 बजे 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जिनका अंतिम संस्कार गुरुवार को उनकी निज आवास से गाजे बाजे के साथ,अंतिम शव यात्रा निकाली गई। जो ग्राम के विभिन्न मार्गो से होते हुए श्री झंवरेश्वर महादेव शमशान घाट पहुंची जहां जहां आपके पुत्र अशोक कुमार, अध्यापक भुपेश कुमार, पत्रकार राजेश शर्मा द्वारा आपको मुखागनी दी गई।
इस मौके पर शोक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मनीष जैन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सिंगोली ने कहा कि पूज्य माताजी सरल, सहज, धार्मिक मिलनसार प्रवृत्ति की नेक दिल महिला थी। आपके आदर्श व विचारों की प्रेरणा से आपका पूरा परिवार संस्कारी आज्ञाकारी होकर, समाज गांव व क्षेत्र में शर्मा ,गर्ग, परिवार का नाम रोशन कर रहा है। मृत्यु अटल सत्य हैं। एक दिन सबको यह संसार छोड़कर जाना है। लेकिन इंसान के अच्छे कर्म हमेशा इस दुनिया में जिंदा रहते हैं। जो शर्मा परिवार पर दुखद वृजपात हुआ हैं। ईश्वर उसे सहन करने की शक्ति दें वह मतृ आत्मा को मोक्ष एवं शांति प्रदान करें।
इस अवसर पर श्याम सुंदर गर्ग बेंगु ने,कहां की सोहनी बाई, जो आज हमसे विदा ले रहे हैं। वह मेरे भुवासा लगते थे। आपमें धार्मिक प्रवृत्ति कूट-कूट कर भरी हुई थी। जीवन में आपने कड़ा,व कठिन संघर्ष कर परिवार को खड़ा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परिवार की ख्याति आज समाज व क्षेत्र में,हे। उसमें आपका बड़ा योगदान है। आपका स्नेह व्यवहार सादगी व अपनापन समाज व ग्रामवासी कभी नहीं भूल पाएंगे।
सब इंस्पेक्टर गिरिराज शर्मा मांडलगढ़, अध्यापक बाबूलाल छिपा राजेश कुमार जैन अध्यापक कैलाश गर्ग बेंगु आदि ने भी अपने विचार व्यक्त कीये
आपकी अंतिम शव यात्रा में जन शिक्षक भेरूलाल धाकड़ अध्यापक प्रभु लाल रेगर अध्यापक, नंदलाल वाशरमेंन, कमलेश जैन, गोपाल सिंह राजपूत प्रेमचंद प्रजापत कैलाश राठौड़ डॉक्टर राकेश शर्मा, मोहम्मद हुसैन मंसूरी, राजू राठौड़, गोपाल दमामी शरीफ मोहम्मद मंसूरी, मोहनलाल खटीक लाभचंद खटीक शंकर लाल खटीक आदि कई नागरिकों ने भाग लेकर श्रीमती सोनी भाई को अपने श्रद्धा सुमन पेश किये। सभी का आभार अध्यापक भूपेश कुमार शर्मा द्वारा किया गया। अंत में सामूहिक 2 मिनट का मौन रखकर, सामूहिक शोक श्रद्धांजलि आयोजित की गई।
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