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नीमच। 27नवम्बर 2024 जय गणेश परिवार की पहल जीव सेवा विकास अभियान की पावन श्रृंखला में श्री कृष्ण गोपाल गौशाला हवाई अड्डा तथा ओम शिव गोरक्षा गौशाला धामनिया, में पहुंचकर मातृशक्ति ने अगहन उत्पना एकादशी के पावन उपलक्ष्य में गौ माता का आरती पूजन किया।और गौ माता को हरी घास गुड़ खिलाकर वितरण किया गया। इस अवसर पर जीव सेवा विकास अभियान की कौशल्या काबरा की उपस्थिति में कई मातृशक्तियों ने गौशाला में गौ माता की पूजा अर्चना की। गौमाता को हरी घास का आहार खिलाया। इस अवसर पर कौशल्या काबरा, श्रीमती तारा बाहेती, रेखा तोतला, केवर बागडी सहित अन्य गणमान्य गौ सेवक उपस्थित थे। सभी गौ सेवक मातृशक्ति ने संयुक्त रूप से कहा कि गौ माता की सेवा से जो सुख मिलता है। वह सच्चा आत्मिय सुख संसार में किसी अन्य सेवा से नहीं मिलता है। गौ सेवा का लक्ष्य प्रचार प्रसार नहीं होना चाहिए इसका प्रमुख लक्ष्य यह है कि प्रत्येक नागरिक अपने माता-पिता पूर्वजों की स्मृति में तथा अपने परिवारजनों के जन्म दिवस विवाह दिवस आदि मांगलिक उत्सव की स्मृति के उपलक्ष्य में गौ सेवा करे तो उसका पुण्य जो मिलता है वह संसार में कहीं अन्य नहीं मिलता है। यदि हम गौशाला में पहुंचकर गायों की गौ सेवा करते हैं तो को जीवन का अभयदान मिल सकता है। गौ माता की रक्षा के लिए प्रत्येक घर से प्रत्येक मातृशक्ति एवं सभी नागरिकों को गौ सेवा के लिए अग्रसर होना चाहिए तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है और हमारा पुण्य कर्म बढ़ सकता है। और संसार में सारी खुशियां पुण्य कर्म से ही मिलती है। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ मालवा अंचल में महिलाएं उत्पन्ना एकादशी पर साबूदाने की खीर बनाकर ही व्रत उपवास करती है। और विश्व शांति तथा सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है। इस अवसर पर उत्पन्ना एकादशी की कथा महिलाओं ने सुनाई और अपने व्रत को सफल बनाने के लिए आरती के बाद प्रसाद वितरण किया। ... |
नीमच। 27नवम्बर 2024 जय गणेश परिवार की पहल जीव सेवा विकास अभियान की पावन श्रृंखला में श्री कृष्ण गोपाल गौशाला हवाई अड्डा तथा ओम शिव गोरक्षा गौशाला धामनिया, में पहुंचकर मातृशक्ति ने अगहन उत्पना एकादशी के पावन उपलक्ष्य में गौ माता का आरती पूजन किया।और गौ माता को हरी घास गुड़ खिलाकर वितरण किया गया। इस अवसर पर जीव सेवा विकास अभियान की कौशल्या काबरा की उपस्थिति में कई मातृशक्तियों ने गौशाला में गौ माता की पूजा अर्चना की। गौमाता को हरी घास का आहार खिलाया। इस अवसर पर कौशल्या काबरा, श्रीमती तारा बाहेती, रेखा तोतला, केवर बागडी सहित अन्य गणमान्य गौ सेवक उपस्थित थे। सभी गौ सेवक मातृशक्ति ने संयुक्त रूप से कहा कि गौ माता की सेवा से जो सुख मिलता है। वह सच्चा आत्मिय सुख संसार में किसी अन्य सेवा से नहीं मिलता है। गौ सेवा का लक्ष्य प्रचार प्रसार नहीं होना चाहिए इसका प्रमुख लक्ष्य यह है कि प्रत्येक नागरिक अपने माता-पिता पूर्वजों की स्मृति में तथा अपने परिवारजनों के जन्म दिवस विवाह दिवस आदि मांगलिक उत्सव की स्मृति के उपलक्ष्य में गौ सेवा करे तो उसका पुण्य जो मिलता है वह संसार में कहीं अन्य नहीं मिलता है। यदि हम गौशाला में पहुंचकर गायों की गौ सेवा करते हैं तो को जीवन का अभयदान मिल सकता है। गौ माता की रक्षा के लिए प्रत्येक घर से प्रत्येक मातृशक्ति एवं सभी नागरिकों को गौ सेवा के लिए अग्रसर होना चाहिए तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है और हमारा पुण्य कर्म बढ़ सकता है। और संसार में सारी खुशियां पुण्य कर्म से ही मिलती है। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ मालवा अंचल में महिलाएं उत्पन्ना एकादशी पर साबूदाने की खीर बनाकर ही व्रत उपवास करती है। और विश्व शांति तथा सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है। इस अवसर पर उत्पन्ना एकादशी की कथा महिलाओं ने सुनाई और अपने व्रत को सफल बनाने के लिए आरती के बाद प्रसाद वितरण किया।
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NDA | INDIA | OTHERS |
293 | 234 | 16 |
NDA | INDIA | OTHERS |
265-305 | 200 -240 | 15-30 |