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जावद। जावद तहसील कार्यालय परिसर मे आम नागरिक की समस्या हल करने वाले प्रथम नागरिक नप अध्यक्ष खुद जनसुनवाई मे पंहुचे है। तहसील कार्यालय परिसर में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में मंगलवार को नगर परिषद अध्यक्ष्र सोहनलाल माली एक आम नागरिक की तरह आवेदन लेकर जनसुनवाई मे पहुंचे। जहां उन्होंने आवेदन लिखा और लाइन में लगाकर एसडीएम राजेश शाह को आवेदन दिया है। उल्लेखनीय है कि जावद मे अवैध कॉलोनी व जमीन खुर्दबुर्द करने के मामले लगातार सामने आ रहे है। इसी को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष लिखित मे अवैध कॉलोनी काटने को लेकर आवेदन दिया है व कार्यवाई करने की मांग की है। वहीं, मीडिया के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में नगर परिषद अध्यक्ष सोहनलाल माली ने कहा कि मुझे जनसुनवाई गो माता के लिए आना पड़ा है। उन्होने कहा कि जावद स्थित कबीरमठ गौशाला की भूमि को लेकर नोड्युज जारी करने को लेकर लिखित मे जनसुनवाई मे आवेदन दिया है। साथ ही एक ओर आवेदन दिया है जिसमे नगर परिषद के विरूद्ध न्यायालय मे केशव पालीवाल द्वारा नमस्ते सर्कल स्थित जमीन को लेकर बिना सूचना के एक वाद न्यायालय मे प्रस्तुत किया है। जबकि उनके द्वारा प्लाट काटकर बेच दिये गये जो अवैध कॉलोनी की श्रेणी आता है TNC एवं MOS का पालन क्यो नहीं किया उसकी जानकारी नगर परिषद में भी नहीं दी उनके खिलाफ कार्यवाई को लेकर एसडीएम साहब को जनसुनवाई मे आवेदन देकर अवगत कराया है। जिस पर एसडीएम ने तत्काल नगर परिषद सीएमओ जगजीवन शर्मा को निर्देशित किया कि नोटिस देकर जवाब मांगे, मौका स्थिति प्रस्तुत कर उचित कार्यवाई कर अवगत करावे। केशव पालीवाल ने बताया कि उन्होने कई वर्षो पूर्व अपनी स्वयं की पेतृक जमीन बेची है जो रिकार्ड मे होकर पावती मे दर्ज थी। जिसने जमीन खरीदी है उन्होने अपने मकान बनाये है और जिसका विधिवध नामांतरण हुआ है व अनुमति लेकर ही बनाया होगा। खसरा नं. 1965 है जो पावती मे है नक्शा नही होने से वन विभाग के कब्जे मे थी, जिसको लेकर न्यायालय ने फेसला जो फेसला लिया वो मान्य था। साथ ही शेष भूमि हमारी निकल रही है, जिसके लिऐ हमने न्यायालय मे वाद प्रस्तुत किया। नगर परिषद उसे अपना बता रही है। इसका एक वाद न्यायालय मे विचाराधीन है जो भी निर्णय लेगा वो मान्य होगा। अनधिकृत कालोनियां बनने से निकायों को होती है बड़ी राजस्व हानि— कॉलोनाइजर द्वारा कृषि भूमि पर बिना अनुमति लिए कॉलोनी काट ली जाती है और क्रेता भी कालोनी में प्लाट खरीदकर बिना अनुमति के मकान बना लेते हैं। इससे निकायों को बड़ी राजस्व हानि होती है। वहीं कंपनी का सुव्यवस्थित विकास भी नहीं हो पाता है और सरकार की सुविधाओं से वंचित रहते हैं। ऐसे में यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि अनधिकृत कालोनी का पहले सरकार अधिग्रहण करेगी और वहां के खाली प्लाट का विक्रय कर कालोनी का विकास किया जाएगा। ऐसी कालोनियों का राज्य सरकार सर्वे करा रही है और काॅलोनी का सर्वे पूरा होने तक रजिस्ट्री व नामांतरण पर भी रोक रहेगी। कॉलोनी का नाम देकर बेच देते है प्लाट— नीमच जिले मे ऐसे कई प्रापर्टी ब्रोकर है जो कॉलोनी का नाम देकर प्लाट बेच देते है और बादमे मूलभूत सुविधाओ को लेकर नागरिक परेशान होते है। प्लाट व मकान खरीदने वालों को बिजली पानी और सड़क व नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने से वे परेशान हो रहे हैं। कई नागरिको को विद्युत विभाग के द्वारा कनेक्शन काटने के नोटिस पूर्व मे दिये गये है व जहां पर अनुमति लेकर मकान बनाया जा रहा है वही पर भी नगर परिषद व विद्युत विभाग द्वारा सुविधाये नही दी जा रही है। ज्यादातर अवैध कालोनियां खेती की जमीन पर काटी जाती हैं। कालोनाइजर खेती की जमीन सस्ते दामों में खरीद लेते हैं। उसके बाद उस जमीन में प्लाट काटकर कालोनी बना देते हैं, लेकिन उसके लिए डीटीपी विभाग से अनुमति नहीं लेते। कुछ प्रापर्टी ब्रोकर्स लोगों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें प्लाट बेच देते हैं। अब देखना है इन अवैध कॉलोनाइजरो पर प्रशासन सख्त कार्यवाही करता है या इन्हें भी बक्श दिया जाता है। |
जावद। जावद तहसील कार्यालय परिसर मे आम नागरिक की समस्या हल करने वाले प्रथम नागरिक नप अध्यक्ष खुद जनसुनवाई मे पंहुचे है। तहसील कार्यालय परिसर में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में मंगलवार को नगर परिषद अध्यक्ष्र सोहनलाल माली एक आम नागरिक की तरह आवेदन लेकर जनसुनवाई मे पहुंचे। जहां उन्होंने आवेदन लिखा और लाइन में लगाकर एसडीएम राजेश शाह को आवेदन दिया है। उल्लेखनीय है कि जावद मे अवैध कॉलोनी व जमीन खुर्दबुर्द करने के मामले लगातार सामने आ रहे है। इसी को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष लिखित मे अवैध कॉलोनी काटने को लेकर आवेदन दिया है व कार्यवाई करने की मांग की है।
वहीं, मीडिया के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में नगर परिषद अध्यक्ष सोहनलाल माली ने कहा कि मुझे जनसुनवाई गो माता के लिए आना पड़ा है। उन्होने कहा कि जावद स्थित कबीरमठ गौशाला की भूमि को लेकर नोड्युज जारी करने को लेकर लिखित मे जनसुनवाई मे आवेदन दिया है। साथ ही एक ओर आवेदन दिया है जिसमे नगर परिषद के विरूद्ध न्यायालय मे केशव पालीवाल द्वारा नमस्ते सर्कल स्थित जमीन को लेकर बिना सूचना के एक वाद न्यायालय मे प्रस्तुत किया है। जबकि उनके द्वारा प्लाट काटकर बेच दिये गये जो अवैध कॉलोनी की श्रेणी आता है TNC एवं MOS का पालन क्यो नहीं किया उसकी जानकारी नगर परिषद में भी नहीं दी उनके खिलाफ कार्यवाई को लेकर एसडीएम साहब को जनसुनवाई मे आवेदन देकर अवगत कराया है। जिस पर एसडीएम ने तत्काल नगर परिषद सीएमओ जगजीवन शर्मा को निर्देशित किया कि नोटिस देकर जवाब मांगे, मौका स्थिति प्रस्तुत कर उचित कार्यवाई कर अवगत करावे।
केशव पालीवाल ने बताया कि उन्होने कई वर्षो पूर्व अपनी स्वयं की पेतृक जमीन बेची है जो रिकार्ड मे होकर पावती मे दर्ज थी। जिसने जमीन खरीदी है उन्होने अपने मकान बनाये है और जिसका विधिवध नामांतरण हुआ है व अनुमति लेकर ही बनाया होगा। खसरा नं. 1965 है जो पावती मे है नक्शा नही होने से वन विभाग के कब्जे मे थी, जिसको लेकर न्यायालय ने फेसला जो फेसला लिया वो मान्य था। साथ ही शेष भूमि हमारी निकल रही है, जिसके लिऐ हमने न्यायालय मे वाद प्रस्तुत किया। नगर परिषद उसे अपना बता रही है। इसका एक वाद न्यायालय मे विचाराधीन है जो भी निर्णय लेगा वो मान्य होगा।
अनधिकृत कालोनियां बनने से निकायों को होती है बड़ी राजस्व हानि—
कॉलोनाइजर द्वारा कृषि भूमि पर बिना अनुमति लिए कॉलोनी काट ली जाती है और क्रेता भी कालोनी में प्लाट खरीदकर बिना अनुमति के मकान बना लेते हैं। इससे निकायों को बड़ी राजस्व हानि होती है। वहीं कंपनी का सुव्यवस्थित विकास भी नहीं हो पाता है और सरकार की सुविधाओं से वंचित रहते हैं। ऐसे में यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि अनधिकृत कालोनी का पहले सरकार अधिग्रहण करेगी और वहां के खाली प्लाट का विक्रय कर कालोनी का विकास किया जाएगा। ऐसी कालोनियों का राज्य सरकार सर्वे करा रही है और काॅलोनी का सर्वे पूरा होने तक रजिस्ट्री व नामांतरण पर भी रोक रहेगी।
कॉलोनी का नाम देकर बेच देते है प्लाट—
नीमच जिले मे ऐसे कई प्रापर्टी ब्रोकर है जो कॉलोनी का नाम देकर प्लाट बेच देते है और बादमे मूलभूत सुविधाओ को लेकर नागरिक परेशान होते है। प्लाट व मकान खरीदने वालों को बिजली पानी और सड़क व नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने से वे परेशान हो रहे हैं। कई नागरिको को विद्युत विभाग के द्वारा कनेक्शन काटने के नोटिस पूर्व मे दिये गये है व जहां पर अनुमति लेकर मकान बनाया जा रहा है वही पर भी नगर परिषद व विद्युत विभाग द्वारा सुविधाये नही दी जा रही है। ज्यादातर अवैध कालोनियां खेती की जमीन पर काटी जाती हैं। कालोनाइजर खेती की जमीन सस्ते दामों में खरीद लेते हैं। उसके बाद उस जमीन में प्लाट काटकर कालोनी बना देते हैं, लेकिन उसके लिए डीटीपी विभाग से अनुमति नहीं लेते। कुछ प्रापर्टी ब्रोकर्स लोगों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें प्लाट बेच देते हैं। अब देखना है इन अवैध कॉलोनाइजरो पर प्रशासन सख्त कार्यवाही करता है या इन्हें भी बक्श दिया जाता है।
NDA | INDIA | OTHERS |
293 | 234 | 16 |
NDA | INDIA | OTHERS |
265-305 | 200 -240 | 15-30 |