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नीमच, निप्र। जनपद पंचायत नीमच की ग्राम पंचायत सावन के सरपंच जितेंद्र कुमार उर्फ जीवन माली पर हलफनामे में गलत जानकारी देने और पद का दुरुपयोग करने, कदाचरण के मामले में एक बार फिर जन सुनवाई में मामला गूंजा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। जिसकी जांच जिला पंचायत सीईओ अरविंद डामोर को सौंपी गई है।ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत निर्वाचन के समय वर्ष 2022 में जितेंद्र कुमार माली द्वारा पीठासीन अधिकारी को पेश किए हलफनामे में केवल एक पत्नी (सपना माली) का उल्लेख किया, जबकि उसके द्वारा उषा आर्य नामक महिला से भी विवाह किया हुआ है, जो मल्हारगढ़ के शासकीय चिकित्सालय में स्टॉप नर्स के रूप में कार्य करती है। उषा मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में निवास करती है और उसके सर्विस रिकॉर्ड में भी उषा पति जितेंद्र माली का नाम दर्ज है। उषा शासन के अधीन स्वास्थ्य विभाग में कार्य करती है। इस तरह से जितेंद्र ने उषा पिता राधेश्याम आर्य से भी विवाह किया हुआ है। जिसकी जानकारी पंचायत चुनाव के समय निर्वाचन आयोग से छिपाई गई है। जबकि उषा से जितेंद्र माली द्वारा मंदसौर में 24 मार्च 2014 को दोनों पक्षों के परिवार की मौजूदगी में अनुबंध कर विवाह किया हुआ है, जो कि पंचायत चुनाव के पूर्व का है। यह जानकारी निर्वाचन आयोग से छिपाई गई है। जितेंद्र कुमार माली सरपंच के पद पर रहते हुए कदाचरण का मामला भी सार्वजनिक हुआ है। सरपंच को उसकी दूसरी पत्नी उषा द्वारा आंगनवाड़ी क्रमांक 6 सावन की कार्यकर्ता पूजा कटारिया, मेघवाल के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में एक होटल से पकड़ा गया। जिसका मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया व टीवी पर भी प्रसारित हुआ है। जिसमें जितेंद्र माली भी दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा को जितेंद्र कुमार माली अपनी हवस पूरी करने के लिए इधर-उधर घूमता रहा और आंगनवाड़ी में भी प्रभाव पूर्वक उपस्थिति दर्ज करवाता रहा। आंगनवाड़ी कमांक 6 की कार्यकर्ता पूजा व उसकी सहायिका कांताबाई दोनों ही ज्ञानोदय महा विद्यालय में क्रमश: मनासा व नीमच की शाखा में रेगुलर अध्ययनरत है। जिनकी खानापूर्ति प्रभाव पूर्वक सरपंच जितेंद्र माली करवाता रहा है। जिससे आंगनवाड़ी बंद रहते हुए भी खानापूर्ति की गई एवं शासन के पद और धन का दुरूपयोग हुआ है। 6 सितंबर 2024 को जितेंद्र कुमार माली के विरुद्ध उसकी दूसरी पत्नी उषा आर्य द्वारा महिला पुलिस थाना नीमच में भी रिपोर्ट की जा चुकी है। जिसमें दोनों के बीच वैवाहिक संबंध का स्पष्ट उल्लेख है। सरपंच रहते हुए जितेंद्र कुमार माली द्वारा मनरेगा के तहत चलने वाली योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार किया गया है और अपने-अपने मिलने वालों के खातों में राशि डलवा कर हड़प कर ली गई है, जबकि ऐसे लोगों ने मनरेगा में कोई कार्य नहीं किया है। मनरेगा में कार्य करने वालों की सूची में मजदूरी प्राप्त करने वालों में ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज है, जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक होकर वे लोग चलने फिरने में सक्षम नहीं है। संपूर्ण मामले को लेकर ग्रामीण नागरिकों द्वारा 19 नवंबर को एक ज्ञापन कलेक्टर महोदय के नाम सौंपा गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संपूर्ण मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ अरविंद डामोर को सौंपी है। |
नीमच, निप्र। जनपद पंचायत नीमच की ग्राम पंचायत सावन के सरपंच जितेंद्र कुमार उर्फ जीवन माली पर हलफनामे में गलत जानकारी देने और पद का दुरुपयोग करने, कदाचरण के मामले में एक बार फिर जन सुनवाई में मामला गूंजा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। जिसकी जांच जिला पंचायत सीईओ अरविंद डामोर को सौंपी गई है।ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत निर्वाचन के समय वर्ष 2022 में जितेंद्र कुमार माली द्वारा पीठासीन अधिकारी को पेश किए हलफनामे में केवल एक पत्नी (सपना माली) का उल्लेख किया, जबकि उसके द्वारा उषा आर्य नामक महिला से भी विवाह किया हुआ है, जो मल्हारगढ़ के शासकीय चिकित्सालय में स्टॉप नर्स के रूप में कार्य करती है। उषा मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में निवास करती है और उसके सर्विस रिकॉर्ड में भी उषा पति जितेंद्र माली का नाम दर्ज है। उषा शासन के अधीन स्वास्थ्य विभाग में कार्य करती है। इस तरह से जितेंद्र ने उषा पिता राधेश्याम आर्य से भी विवाह किया हुआ है। जिसकी जानकारी पंचायत चुनाव के समय निर्वाचन आयोग से छिपाई गई है। जबकि उषा से जितेंद्र माली द्वारा मंदसौर में 24 मार्च 2014 को दोनों पक्षों के परिवार की मौजूदगी में अनुबंध कर विवाह किया हुआ है, जो कि पंचायत चुनाव के पूर्व का है। यह जानकारी निर्वाचन आयोग से छिपाई गई है। जितेंद्र कुमार माली सरपंच के पद पर रहते हुए कदाचरण का मामला भी सार्वजनिक हुआ है। सरपंच को उसकी दूसरी पत्नी उषा द्वारा आंगनवाड़ी क्रमांक 6 सावन की कार्यकर्ता पूजा कटारिया, मेघवाल के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में एक होटल से पकड़ा गया। जिसका मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया व टीवी पर भी प्रसारित हुआ है। जिसमें जितेंद्र माली भी दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा को जितेंद्र कुमार माली अपनी हवस पूरी करने के लिए इधर-उधर घूमता रहा और आंगनवाड़ी में भी प्रभाव पूर्वक उपस्थिति दर्ज करवाता रहा। आंगनवाड़ी कमांक 6 की कार्यकर्ता पूजा व उसकी सहायिका कांताबाई दोनों ही ज्ञानोदय महा विद्यालय में क्रमश: मनासा व नीमच की शाखा में रेगुलर अध्ययनरत है। जिनकी खानापूर्ति प्रभाव पूर्वक सरपंच जितेंद्र माली करवाता रहा है। जिससे आंगनवाड़ी बंद रहते हुए भी खानापूर्ति की गई एवं शासन के पद और धन का दुरूपयोग हुआ है। 6 सितंबर 2024 को जितेंद्र कुमार माली के विरुद्ध उसकी दूसरी पत्नी उषा आर्य द्वारा महिला पुलिस थाना नीमच में भी रिपोर्ट की जा चुकी है। जिसमें दोनों के बीच वैवाहिक संबंध का स्पष्ट उल्लेख है। सरपंच रहते हुए जितेंद्र कुमार माली द्वारा मनरेगा के तहत चलने वाली योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार किया गया है और अपने-अपने मिलने वालों के खातों में राशि डलवा कर हड़प कर ली गई है, जबकि ऐसे लोगों ने मनरेगा में कोई कार्य नहीं किया है। मनरेगा में कार्य करने वालों की सूची में मजदूरी प्राप्त करने वालों में ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज है, जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक होकर वे लोग चलने फिरने में सक्षम नहीं है। संपूर्ण मामले को लेकर ग्रामीण नागरिकों द्वारा 19 नवंबर को एक ज्ञापन कलेक्टर महोदय के नाम सौंपा गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संपूर्ण मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ अरविंद डामोर को सौंपी है।
NDA | INDIA | OTHERS |
293 | 234 | 16 |
NDA | INDIA | OTHERS |
265-305 | 200 -240 | 15-30 |