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मंदसौर। "एक राष्ट्र, एक चुनाव" की प्रारंभिक प्रस्तावना को लेकर शुक्रवार को जिला भाजपा कार्यालय, मंदसौर पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रिटायर्ड हाईकोर्ट न्यायाधीश श्री रोहित आर्या ने कहा कि यह पहल भारतीय लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, स्थिर और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पत्रकार वार्ता में सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, नगरपालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, कार्यक्रम के जिला प्रभारी एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राजु चावला, जिला मीडिया प्रभारी निलेश जैन, तथा सह मीडिया प्रभारी विनय धनगर मंच पर उपस्थित रहे। चुनावी प्रक्रिया में सुधार की दिशा में क्रांतिकारी कदम न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रोहित आर्या ने कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने की वकालत करती है। इससे चुनावी प्रक्रियाओं में निरंतरता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ वित्तीय संसाधनों की बचत है। अलग-अलग समय पर चुनाव कराने में प्रचार, सुरक्षा, मतपत्र छपाई और ईवीएम व्यवस्था जैसे कार्यों में भारी खर्च होता है। यदि यह सभी चुनाव एक साथ कराए जाएं, तो बचाए गए संसाधनों का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे में किया जा सकता है। राजनीतिक स्थिरता और बेहतर प्रशासनिक तालमेल श्री आर्या ने कहा कि यह व्यवस्था सरकारों को स्थायी और पाँच वर्ष का स्पष्ट कार्यकाल देगी। इससे वे चुनावी दबाव से मुक्त होकर अपने नीतिगत एजेंडे पर बेहतर ढंग से काम कर सकेंगी। इसके साथ ही, एक साथ मतदान और मतगणना से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में भी वृद्धि होगी। लोकतांत्रिक भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए यह व्यवस्था सुविधाजनक होगी, क्योंकि उन्हें बार-बार चुनाव प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ेगी और नागरिकों में सरकार पर विश्वास भी मजबूत होगा। अंत में उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को एक स्थिर, पारदर्शी और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में ले जाएगी और विविधता में एकता की भावना को और प्रबल बनाएगी। |
मंदसौर। "एक राष्ट्र, एक चुनाव" की प्रारंभिक प्रस्तावना को लेकर शुक्रवार को जिला भाजपा कार्यालय, मंदसौर पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रिटायर्ड हाईकोर्ट न्यायाधीश श्री रोहित आर्या ने कहा कि यह पहल भारतीय लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, स्थिर और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पत्रकार वार्ता में सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, नगरपालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, कार्यक्रम के जिला प्रभारी एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राजु चावला, जिला मीडिया प्रभारी निलेश जैन, तथा सह मीडिया प्रभारी विनय धनगर मंच पर उपस्थित रहे।
चुनावी प्रक्रिया में सुधार की दिशा में क्रांतिकारी कदम
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रोहित आर्या ने कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने की वकालत करती है। इससे चुनावी प्रक्रियाओं में निरंतरता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ वित्तीय संसाधनों की बचत है। अलग-अलग समय पर चुनाव कराने में प्रचार, सुरक्षा, मतपत्र छपाई और ईवीएम व्यवस्था जैसे कार्यों में भारी खर्च होता है। यदि यह सभी चुनाव एक साथ कराए जाएं, तो बचाए गए संसाधनों का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे में किया जा सकता है।
राजनीतिक स्थिरता और बेहतर प्रशासनिक तालमेल
श्री आर्या ने कहा कि यह व्यवस्था सरकारों को स्थायी और पाँच वर्ष का स्पष्ट कार्यकाल देगी। इससे वे चुनावी दबाव से मुक्त होकर अपने नीतिगत एजेंडे पर बेहतर ढंग से काम कर सकेंगी। इसके साथ ही, एक साथ मतदान और मतगणना से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में भी वृद्धि होगी।
लोकतांत्रिक भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए यह व्यवस्था सुविधाजनक होगी, क्योंकि उन्हें बार-बार चुनाव प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ेगी और नागरिकों में सरकार पर विश्वास भी मजबूत होगा।
अंत में उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को एक स्थिर, पारदर्शी और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में ले जाएगी और विविधता में एकता की भावना को और प्रबल बनाएगी।