राजकीय विद्यालयों के विकास में सहयोग करने वाले भामाशाह सम्मानित

समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने कहा कि भामाशाहों का सहयोग बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समाज के सहयोग से विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिल रही है, जिससे सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल रही है।
उन्होंने सम्मानित भामाशाहों के योगदान को अनुकरणीय बताते हुए अन्य भामाशाहों से भी राजकीय विद्यालयों के विकास से जुड़कर सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से इनके विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
इसी उद्देश्य से शुरू किए गए नवाचार के तहत विद्यालय विकास में उल्लेखनीय सहयोग करने वाले भामाशाहों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।
भामाशाहों के सहयोग से 11.94 लाख रुपए के विकास कार्य
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने बताया कि विभिन्न राजकीय विद्यालयों के विकास के लिए भामाशाहों ने कुल 11 लाख 94 हजार 1 रुपए का आर्थिक सहयोग दिया है।
आर्थिक सहयोग करने वाले भामाशाहों में राउमावि विजयपुर के महेश चंद्र शर्मा एवं श्यामलाल शर्मा, राउमावि पारली के प्रेम शंकर शर्मा, राउमावि डावा के घनश्याम जायसवाल, राउमावि नारेला की मंजुला भमोर, राउप्रावि मान्यादा के शांतिलाल सिंघवी, राउमावि तंगेरा के जगदीश चंद्र अग्रवाल, राउमावि नाचर असहरान के देवीलाल अहीर, राउमावि रामपुरिया के जगदीश चंद्र वैष्णव तथा राउमावि डिंडोली के प्रहलाद राय चंडक शामिल हैं।
जिला कलेक्टर ने सभी सहयोगकर्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और विद्यालयों के विकास में उनके योगदान की सराहना की।