45 दिवसीय सिद्धि तप पूर्ण होने पर निकला भव्य वरघोड़ा, बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं हुए शामिल

📍 मंदसौर, मध्यप्रदेश | 20 सितंबर
आराधना भवन से शुरू हुआ चल समारोह
श्री आराधना भवन जैन श्रीसंघ द्वारा लाभार्थी परिवार के सहयोग से रविवार को प्रभु पार्श्वनाथजी की रथयात्रा और तपस्वियों के वरघोड़े का आयोजन किया गया। बैंड-बाजे के साथ चल समारोह नई आबादी स्थित आराधना भवन जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ।
चल समारोह श्री श्रेयांसनाथ मंदिर, गोल चौराहा और नयापुरा रोड होते हुए माहेश्वरी भवन पहुंचा। 45 दिवसीय सिद्धि तपस्या पूर्ण करने वाले अविश नाहटा और नरेश जैन बग्घी पर विराजमान रहे।
श्रावक-श्राविकाओं ने की तपस्या की अनुमोदना
वरघोड़े में श्रीसंघ से जुड़े परिवारों के साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर अनुशासनपूर्वक चल समारोह में सहभागिता की। कई स्थानों पर प्रभुजी के रथ की गहुली की गई।
पर्युषण महापर्व के समापन और तपस्या की अनुमोदना की खुशी में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
माहेश्वरी भवन में धर्मसभा
चल समारोह माहेश्वरी भवन पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। यहां दोनों तपस्वियों का श्रीसंघ, चातुर्मास समिति और विभिन्न जैन संस्थाओं की ओर से शाल एवं श्रीफल भेंट कर बहुमान किया गया।
परम पूज्य आचार्य श्री सागरचंद्रसागरजी म.सा. और आचार्य श्री निर्मल विजयजी म.सा. की प्रेरणा एवं निश्रा में आयोजित कार्यक्रम में तपस्या की अनुमोदना की गई।
धर्मसभा में आचार्य श्री सागरचंद्रसागरजी म.सा. ने बताया कि 11 अक्टूबर को मंदसौर नगर के आर्यरक्षित तीर्थधाम में नवकार महामंत्र जाप का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न जैन आम्नायों के श्रावक-श्राविकाओं के एक साथ शामिल होने की बात कही गई।
आचार्य श्री निर्मल विजयजी म.सा. ने पर्युषण पर्व के दौरान श्रीसंघ में हुई तप आराधना का उल्लेख करते हुए दोनों तपस्वियों की तपस्या की अनुमोदना की।
तपस्वियों का किया गया बहुमान
धर्मसभा में आराधना भवन श्रीसंघ एवं नागेश्वर पूर्णिमा मंडल की ओर से दोनों तपस्वियों का बहुमान किया गया। इसके बाद सहधर्मी स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसमें आराधना भवन श्रीसंघ तथा शांतिदेवी-अनोखीलालजी, अभय, अजय और नरेंद्र नाहटा परिवार लाभार्थी रहे।
कार्यक्रम में विधायक विपिन जैन सहित श्रीसंघ एवं जैन समाज के विभिन्न पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।