अफीम नीति में देरी से किसान परेशान, मंदसौर में 5 दिन का अल्टीमेटम

किसान नेता श्यामलाल जोकचंद के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में केंद्र सरकार से पांच दिन के भीतर अफीम नीति घोषित करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में नीति घोषित नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
नीति में देरी से बोवनी को लेकर असमंजस
किसानों का कहना है कि नई अफीम नीति की घोषणा नहीं होने से पट्टों, पात्रता और खेती की पद्धति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। समय पर निर्णय नहीं होने से आगामी फसल की तैयारी और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन में किसानों ने सभी पात्र किसानों को 10 आरी के पट्टे देने, पुराने कटे पट्टों की बहाली और पारंपरिक चीरा पद्धति से खेती की अनुमति देने की मांग की।
इसके अलावा अफीम का समर्थन मूल्य एक लाख रुपये प्रति किलो और डोडाचूरा का मूल्य एक लाख रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग भी रखी गई।
पांच दिन में नीति घोषित करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि बोवनी का समय नजदीक होने के कारण नीति में देरी उनके लिए परेशानी पैदा कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया।
वहीं, जिला अफीम अधिकारी ने बताया कि नीति से संबंधित निर्देश उच्च अधिकारियों से प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने किसानों को नीति घोषित होने तक बोवनी नहीं करने की सलाह दी।
अब किसानों की नजर केंद्र सरकार की आगामी घोषणा पर है।