गांधी सागर में ‘राधा’ की एंट्री, नीमच को एयरपोर्ट और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सौगात; रोजगार को लेकर सीएम की घोषणाएं

CCB-2 का नाम ‘राधा’, गांधी सागर में चीतों की संख्या 4
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मुख्यमंत्री ने करीब तीन वर्षीय मादा चीता CCB-2 को सॉफ्ट-रिलीज एनक्लोजर में छोड़ा और उसका नाम ‘राधा’ रखा। यह चीता बोत्सवाना से भारत लाई गई थी और फरवरी 2026 में भारत पहुंची नौ बोत्सवाना चीतों में शामिल थी।
राधा के आने के बाद गांधी सागर में अफ्रीकी चीतों की संख्या चार हो गई है। यहां पहले से दक्षिण अफ्रीका से आए नर चीते प्रभास और पावक तथा मादा चीता धीरा मौजूद हैं।
गांधी सागर को चीता संरक्षण के दूसरे केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को कूनो के बाद भारत में चीता संरक्षण के दूसरे प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत अलग-अलग चीतों के लिए सुरक्षित सॉफ्ट-रिलीज एनक्लोजर तैयार किए गए हैं।
वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग अफ्रीकी देशों से आए चीतों के जरिए आनुवंशिक विविधता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नीमच में ‘सेवा से संकल्प’ कार्यक्रम
नीमच में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री वितरित की गई। मेधावी स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान किए जाने तथा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई।
17 सितंबर को नीमच में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया और इसे भारतीय सनातन परंपरा से जोड़ा।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
नीमच में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और उनके बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर तथ्य और आंकड़ों के आधार पर बात करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के संबंध में भी सरकार की आगामी भर्ती योजनाओं का उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग में चल रही भर्तियों तथा आगे नए पद सृजित करने की बात कही।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने गांधी सागर में चीता संरक्षण के विस्तार को पर्यटन से जोड़ते हुए क्षेत्र में गाइड, होमस्टे, होटल और परिवहन जैसी गतिविधियों के जरिए स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही।
गांधी सागर में राधा के आने के साथ परियोजना के तहत इस क्षेत्र में अफ्रीकी चीतों की संख्या चार हो गई है। आगे चीता संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़े विकास को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।