मंदसौर में पति की हत्या का खुलासा, पत्नी और भाई गिरफ्तार; साला फरार

पुलिस के अनुसार मकान बेचने और पारिवारिक विवाद को लेकर वारदात, शव को बाइक से ले जाकर सड़क किनारे फेंकने का आरोप सड़क किनारे अचेत मिला था इस्माइल
पुलिस के अनुसार 15 सितंबर को मोहम्मद ईशाक ने पुलिस को सूचना दी कि उसका भाई इस्माइल खिलचीपुरा से नालछा माता मंदिर जाने वाले मार्ग के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा है। डायल-112 की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शुरुआत में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल, तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
CCTV फुटेज से सामने आई अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में मुस्कान और शाकिर एक बाइक पर इस्माइल को बीच में लेकर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया।
पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ईशाक की भूमिका की भी जांच की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या की घटना में तीनों की भूमिका सामने आई।
मकान बेचने को लेकर विवाद का दावा
पुलिस के अनुसार, परिवार में करीब 30 लाख रुपये कीमत के मकान को बेचने और उससे मिलने वाली राशि के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस्माइल और उसकी पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद की बात जांच में सामने आई है। ये सभी बातें पुलिस जांच के आधार पर हैं।
पुलिस के अनुसार खेत में हुई हत्या
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन इस्माइल फतेहगढ़ स्थित अपनी पत्नी के मायके पहुंचा था। बाद में वह चौपाल सागर क्षेत्र में पहुंचा। पुलिस का दावा है कि वहां ईशाक, मुस्कान और शाकिर भी पहुंचे और इस्माइल को खेत की ओर ले गए।
जांच के अनुसार, खेत में पहले उसके सिर पर डंडे से वार किया गया और इसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हुई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद शव को बाइक से करीब दो किलोमीटर दूर खिलचीपुरा-नालछा माता मंदिर मार्ग की ओर ले जाकर सड़क किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया गया।
दो गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश
नई आबादी थाना पुलिस ने मोहम्मद ईशाक और मुस्कान को गिरफ्तार किया है। वहीं शाकिर घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
नोट: हत्या से जुड़े आरोप पुलिस जांच और आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मामले पर आधारित हैं; न्यायालय में दोष सिद्ध होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।****