ई-उपार्जन पंजीयन 10 अक्टूबर तक, समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए किसानों को कराना होगा नया पंजीयन

नीमच जिले में बनाए गए तीन पंजीयन केंद्र
किसानों की सुविधा के लिए जिले में मनासा, जावद और नीमच सिटी स्थित विपणन सहकारी समितियों में पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
किसान ई-उपार्जन पोर्टल mpeuparjan.mp.gov.in के अलावा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और सहकारी समितियों में नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, सीएससी और लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
पंजीयन के लिए किसान को बैंक खाता, समग्र आईडी, खसरा पावती, ऋण पुस्तिका और पहचान संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सिकमी भूमि होने की स्थिति में संबंधित अनुबंध-पत्र देना भी जरूरी होगा।
किसानों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर पंजीयन कराने की सलाह दी गई है।
नीमच के 6 उद्यमी मसाला प्रसंस्करण की तकनीक सीखने मैसूर रवाना
इसी बीच मध्यप्रदेश के मसाला उद्योग से जुड़े 35 एमएसएमई प्रतिनिधियों का सीएसआईआर-सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI), मैसूर का एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया है। इसमें नीमच जिले के 6 उद्यमी भी शामिल हैं।
15 से 19 सितंबर तक आयोजित अध्ययन दौरे का उद्देश्य उद्यमियों को मसाला प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, गुणवत्ता प्रबंधन, पैकेजिंग और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी देना है।
प्रतिभागी 15 सितंबर को इंदौर से मैसूर के लिए रवाना हुए और 19 सितंबर को वापसी प्रस्तावित है। यात्रा, आवास और भोजन का खर्च एमएसएमई विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है।
मसाला उद्योग को मिलेगा तकनीकी ज्ञान
इस एक्सपोजर विजिट के माध्यम से नीमच के उद्यमियों को आधुनिक प्रसंस्करण और पैकेजिंग तकनीकों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और वैल्यू एडिशन से जुड़े नए अवसरों की जानकारी उद्यमियों को मिल सकेगी।