नीमच के किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद, बनेगा अलग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक

चार सदस्यीय समिति करेगी विभाजन की प्रक्रिया
अब तक नीमच जिले की सहकारी समितियां और किसान बैंकिंग सेवाओं के लिए मंदसौर स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पर निर्भर थे। नए बैंक के गठन की प्रक्रिया के तहत गठित समिति संपत्तियों, देनदारियों, कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विभाजन से संबंधित कार्यवाही पूरी करेगी।
किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत
अलग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बनने से नीमच जिले के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), खाद-बीज ऋण और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए मंदसौर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे किसानों के समय और यात्रा खर्च की बचत होने की उम्मीद है।
नीमच में अलग मुख्यालय बनने से बैंकिंग कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना है। इसके साथ ही जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) की निगरानी और फंड ट्रांसफर की व्यवस्था भी अधिक सुगम हो सकती है।
आगे क्या होगी प्रक्रिया?
समिति द्वारा विभाजन से जुड़ी कागजी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद नए बैंक के भवन, कर्मचारियों की नियुक्ति और तकनीकी व्यवस्था से संबंधित कार्य आगे बढ़ेंगे। इसके बाद नीमच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के औपचारिक रूप से संचालन शुरू करने का रास्ता साफ हो सकेगा।