गणेश स्थापना से पहले अधूरी प्रतिमाएं मिलने पर हंगामा, मूर्तिकार लापता; समितियों ने थाने का किया घेराव

कार्यशाला में अधूरी प्रतिमाएं मिलने से बढ़ा विवाद
सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रतिमाओं की स्थापना होनी है। इसी सिलसिले में रविवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के सदस्य अपनी बुक की गई प्रतिमाएं लेने महू रोड स्थित कार्यशाला पहुंचे। वहां ताला लगा मिला और मूर्तिकार गोविंद पाल के नहीं पहुंचने पर लोगों ने इंतजार किया।
बाद में कार्यशाला के अंदर पहुंचने पर कई प्रतिमाएं अधूरी हालत में मिलीं। समितियों के अनुसार इन प्रतिमाओं में रंग-रोगन सहित कई काम बाकी थे। स्थापना के लिए समय कम होने के कारण श्रद्धालुओं और समिति सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई।
युवाओं ने खुद संभाली प्रतिमाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी
मूर्तिकार के नहीं मिलने के बाद कई समिति सदस्यों ने अपनी-अपनी अधूरी प्रतिमाएं कार्यशाला से उठाकर निजी वाहनों में ले जाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि अब स्थानीय कलाकारों की मदद से या स्वयं रातभर मेहनत कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि गणेश स्थापना के निर्धारित समय में बाधा न आए।
कैंट थाने पहुंचकर किया प्रदर्शन
घटना के बाद आक्रोशित समिति सदस्यों और युवाओं ने कैंट थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया और मूर्तिकार की तलाश तथा पूरे मामले की जांच की मांग की। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई।
कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। मूर्तिकार के अचानक लापता होने के कारणों की जांच की जा रही है। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच जारी है।
रात में विवाद की भी चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात कार्यशाला के बाहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से ही मूर्तिकार के अचानक गायब होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस मूर्तिकार की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।