नेशनल लोक अदालत में 1,538 मामलों का समाधान, करोड़ों की राशि पर हुआ समझौता

चेक अनादरण के 125 मामलों में ₹2.57 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड, मोटर दुर्घटना के 11 मामलों में ₹42.45 लाख चेक अनादरण के 125 मामलों का निराकरण
लोक अदालत में न्यायालय में लंबित 478 प्रकरण रेफर किए गए थे, जिनमें से 357 मामलों का निराकरण हुआ। इनमें चेक अनादरण के 125 मामले शामिल रहे। इन मामलों में कुल ₹2 करोड़ 57 लाख 20 हजार 940 की राशि के अवॉर्ड पारित किए गए।
इसके अलावा मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित 11 मामलों में पीड़ित पक्षों को कुल ₹42 लाख 45 हजार के अवॉर्ड दिए गए।
आपराधिक और पारिवारिक विवादों का भी समाधान
लोक अदालत में 121 शमनीय आपराधिक प्रकरण, 39 अन्य सिविल मामले, विद्युत अधिनियम से जुड़े 26 प्रकरण और 26 पारिवारिक विवादों का भी आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया।
प्रीलिटिगेशन मामलों में ₹24.27 लाख की वसूली
प्रीलिटिगेशन मामलों में भी लोक अदालत प्रभावी रही। कुल 4,119 प्रकरण रेफर किए गए थे, जिनमें से 1,181 मामलों का निराकरण हुआ। इन मामलों में ₹24 लाख 27 हजार 668 की राशि की वसूली हुई।
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से शुभारंभ
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह राजपूत ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद जिले की सभी खंडपीठों में मामलों की सुनवाई शुरू हुई, जो शाम 5:30 बजे तक चली।
लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों में पक्षकारों की सहमति से विवादों का समाधान किया गया, जिससे लंबित प्रकरणों के निपटारे के साथ पक्षकारों को भी राहत मिली।