व्यावसायिक गरबा आयोजनों के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने सौंपा ज्ञापन, पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

नवरात्रि के दौरान व्यावसायिक आयोजनों ज्ञापन में नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान होने वाले कमर्शियल एवं व्यावसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं देने की मांग की गई।
धार्मिक पर्व के व्यावसायीकरण पर जताई चिंता
समाजजनों का कहना है कि नवरात्रि पर्व धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में गरबा आयोजनों को व्यावसायिक स्वरूप दिए जाने से पर्व की मूल भावना प्रभावित होने की आशंका है।
ज्ञापन में आयोजनों के दौरान अनियमितताओं और असामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई।
प्रमुख मांगें
सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख रूप से तीन मांगें रखीं—
पूर्व में दी गई व्यावसायिक गरबा आयोजनों की अनुमतियों को निरस्त किया जाए।
गरबा स्थलों, धार्मिक आयोजनों और पंडालों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
गरबा पंडालों और आयोजन स्थलों के आसपास नियमित एवं प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से नवरात्रि पर्व के दौरान धार्मिक आयोजनों की पवित्रता, सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
एडिशनल एसपी हेमलता अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान सर्व हिंदू समाज के वरिष्ठ नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।की अनुमति निरस्त करने, नशीले पदार्थों पर रोक और पंडालों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की मांग