गंदे पानी की शिकायतों पर नपा का बड़ा एक्शन, 40 वार्डों में बनीं जांच टीमें

40 सुपरवाइजर और 4 नोडल अधिकारी संभालेंगे व्यवस्था
नगर पालिका ने सभी 40 वार्डों में वार्ड प्रभारियों के साथ 40 सुपरवाइजर तैनात किए हैं। इसके अलावा पूरी व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 4 नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मैदानी स्तर पर शुरू हुई जांच
गठित टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण और पानी की सैंपलिंग शुरू कर दी है। सीएमओ दुर्गा बाछल्या ने जलकल शाखा के केमिस्ट सुरेश पवार के साथ स्वयं मैदानी निरीक्षण किया।
टीम ने ग्वालटोली, दीवान चौक, ऑफिसर्स कॉलोनी और इंदिरा नगर में घर-घर पहुंचकर मौके पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच की।
ऑफिसर्स कॉलोनी में एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आवास पर भी सप्लाई किए जा रहे पानी की जांच की गई, जहां पानी साफ पाया गया।
एक शिकायत की मौके पर हुई जांच
निरीक्षण के दौरान एक स्थान पर रहवासी ने नल से सीधे टंकी में गंदा पानी आने की शिकायत की थी। टीम ने मौके पर ही टंकी के पानी को कांच के गिलास में निकालकर जांच की। पानी साफ दिखाई दिया।
पड़ताल में सामने आया कि पानी गंदा नहीं था, बल्कि पुरानी टंकी की सतह पर जमा पीलापन पानी में दिखाई दे रहा था। मौके पर जांच के बाद शिकायतकर्ता भी संतुष्ट नजर आया।
पार्षदों ने भी उठाया था पेयजल का मुद्दा
नगर पालिका के हालिया परिषद सम्मेलन में कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में बदबूदार और दूषित पानी की शिकायतों को लेकर चिंता जताई थी। पार्षदों ने समय रहते जलप्रदाय व्यवस्था और पाइपलाइन लीकेज सुधारने की मांग की थी।
विभिन्न क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब नगर पालिका ने जांच और निगरानी की व्यवस्था को सक्रिय किया है। आने वाले दिनों में पानी के सैंपल की लैब जांच और लीकेज सुधार की कार्रवाई के आधार पर पेयजल व्यवस्था की स्थिति और स्पष्ट होगी।