नीमच में नशे की गतिविधियों को लेकर चिंता, सार्वजनिक स्थानों और मेडिकल स्टोरों की जांच की मांग

सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही शिकायतों के अनुसार, कुछ सार्वजनिक और सुनसान स्थानों पर शाम के समय युवाओं के समूह जुटते हैं। इन गतिविधियों से आसपास रहने वाले लोगों और अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। नागरिकों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।
मेडिकल स्टोरों पर भी जांच की जरूरत
खबर में कुछ मेडिकल स्टोरों पर बिना वैध डॉक्टर के पर्चे के नशीली दवाएं, कफ सिरप और प्रतिबंधित इंजेक्शन बेचे जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस द्वारा जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करना जरूरी है।
नशे से युवाओं और परिवारों पर असर
नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकती है। ओवरडोज जैसी घटनाएं जानलेवा भी हो सकती हैं। ऐसे में जागरूकता, समय पर उपचार और जरूरतमंद लोगों को नशामुक्ति सेवाओं से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है।
पहले की कार्रवाई के बाद लगातार निगरानी जरूरी
नीमच और आसपास के क्षेत्रों में पिछले वर्षों के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध ड्रग्स निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयां होने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई की निरंतरता बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना जरूरी है।
नागरिकों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, पुलिस तथा औषधि नियंत्रण विभाग से सार्वजनिक स्थानों पर औचक निरीक्षण, नियमित गश्त और संदिग्ध मेडिकल स्टोरों की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी आवश्यक है।