पीएम मोदी का कांग्रेस पर तंज, बोले—‘फेल प्रोडक्ट’ की लॉन्चिंग के लिए देश को कब तक दांव पर लगाएंगे

बदलती दुनिया में नए वर्ल्ड ऑर्डर की जरूरत
प्रधानमंत्री ने दुनिया की मौजूदा राजनीति, अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि दुनिया आज नए वर्ल्ड ऑर्डर की तलाश में है, जबकि कुछ लोग भारत में अव्यवस्था के सपने देख रहे हैं।
पीएम मोदी के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान जब दुनिया को सहयोग की जरूरत थी, तब कई देशों ने अपने हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि उसी समय उन्होंने दुनिया के लिए ऐसी नई व्यवस्था की जरूरत बताई थी, जिसके केंद्र में आम लोग हों।
संयुक्त राष्ट्र के सामने नई चुनौतियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक ने दुनिया को बदल दिया है और वैश्विक व्यवस्था में नए देशों की भूमिका बढ़ी है। बदलती चुनौतियों के बीच संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं के सामने भी नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब दुनिया की समस्याएं बदल जाती हैं, लेकिन उनके समाधान के तरीके नहीं बदलते, तो व्यवस्थाओं की सीमाएं दिखाई देने लगती हैं। समुद्री रास्तों और व्यापार के साधनों पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने नई वास्तविकताओं के अनुरूप वैश्विक व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जितना मजबूत होगा, दुनिया भी उतनी मजबूत होगी। उन्होंने भारत के शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के लक्ष्य और देश की तकनीकी क्षमताओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पहले दुनिया भारत की मानवशक्ति पर भरोसा करती थी, लेकिन अब भारतीय प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता पर भी भरोसा बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि देश नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में आगे बढ़ेगा।