नीमच दशहरा महोत्सव में अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी

कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। आयोजनों के समय और दर्शकों की सुविधाओं को लेकर लोगों ने सवाल उठाए।
रावण दहन में देरी से दर्शक निराश
जानकारी के अनुसार, शाम 7 बजे से ही मैदान में भीड़ जुटने लगी थी। कुंभकरण का दहन रात करीब 8:37 बजे, मेघनाथ का 8:38 बजे और रावण का दहन 8:42 बजे किया गया। लंबे इंतजार के बाद कार्यक्रम पूरा होने से कई दर्शक निराश नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रावण दहन से पहले कुछ लोग और बच्चे पुतले के काफी करीब पहुंच गए थे। आतिशबाजी के दौरान भीड़ का इतनी नजदीक मौजूद रहना संभावित दुर्घटना की आशंका पैदा कर सकता था। ऐसे में बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल उठे।
25 दिन की मेहनत से तैयार किए गए सात पुतले
नीमच के पारंपरिक कलाकार मजहर हुसैन, जफर हुसैन और जमील हुसैन के परिवार ने करीब 25 दिनों की मेहनत से सात पुतले तैयार किए थे। पलकें झपकाने और हाथ-पैर हिलाने वाले रावण के मॉडल तथा दो बड़ी स्क्रीन पर सीधे प्रसारण के जरिए आयोजन को आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया।
चंदे के उपयोग और जवाबदेही पर चर्चा
आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर नागरिकों के बीच चंदे के उपयोग, खर्च और जवाबदेही पर भी सवाल उठे। लोगों ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में बेहतर प्रबंधन, समयबद्ध कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
नोट: अव्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी आरोपों पर आयोजन समिति या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।