मंदसौर में स्कॉर्पियो के गुप्त चैंबर से ₹1.29 करोड़ बरामद, तीन गिरफ्तार

मादक पदार्थों की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को बरखेड़ा उदा गांव में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देशन में तीन थानों की टीम ने भवानीशंकर मीणा के घर दबिश दी। मौके पर भवानीशंकर मीणा (49), मोहम्मद इस्लाम (47) और सूर्यप्रकाश (59) मिले।
घर पर खड़ी एक स्कॉर्पियो-N पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। वाहन के अंदर 'Gov. Of India' लिखा एक नंबर प्लेट भी मिला।
वेल्डिंग से बनाया गया था गुप्त चैंबर
पुलिस वाहन को शामगढ़ थाने ले गई और मैकेनिक की मदद से उसकी जांच कराई। इस दौरान पिछली सीट के पीछे गाड़ी की बॉडी में वेल्डिंग से बनाया गया गुप्त चैंबर मिला। संबंधित हिस्से खुलवाने पर उसमें नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।
मशीन से नकदी की गिनती करने में करीब डेढ़ घंटे लगे। इसके बाद पुलिस ने कुल ₹1 करोड़ 29 लाख जब्त किए। इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर वाहन का मालिक मोहम्मद इस्लाम पाया गया।
नकदी के स्रोत की जांच, आयकर विभाग को सूचना
एसपी विनोद कुमार मीना के अनुसार, बरामद नकदी के स्रोत का पता लगाने के लिए आयकर विभाग को ई-मेल के माध्यम से जानकारी भेजी गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और मादक पदार्थों के कारोबार से उनके संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
कथित पुराने लेन-देन की भी पड़ताल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों व्यक्ति पुराने बकाया रुपये लेने के लिए बरखेड़ा उदा पहुंचे थे। सूत्रों के हवाले से यह दावा भी सामने आया है कि रक्षाबंधन के आसपास भवानीशंकर मीणा ने उनसे करीब पांच किलो ब्राउन शुगर मंगाई थी और बरामद रकम उस कथित लेन-देन से जुड़ी हो सकती है।
हालांकि, पुलिस की ओर से ब्राउन शुगर के कथित सौदे और बरामद नकदी के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। फिलहाल जांच का मुख्य केंद्र नकदी का वास्तविक स्रोत, आरोपियों की भूमिका और मादक पदार्थों के कारोबार से संभावित संबंध हैं। जांच पूरी होने के बाद ही बरामद रकम और कथित लेन-देन के बीच संबंध स्पष्ट हो सकेगा।