जावद में APK फाइल से साइबर ठगी का खतरा, दो मामले आए सामने

स्थान: जावद, जिला नीमच
संदिग्ध फाइलों से मोबाइल को खतरा
जावद। साइबर ठग मोबाइल फोन के जरिए लोगों को निशाना बनाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। शादी के डिजिटल निमंत्रण, लोन, सरकारी योजनाओं और नौकरी के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक और APK फाइलें लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसी फाइलें इंस्टॉल करने से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और सोशल मीडिया अकाउंट के दुरुपयोग का खतरा रहता है।
जावद में दो शिकायतें सामने आईं
जावद निवासी विष्णु कुमावत के अनुसार, उनके मोबाइल पर आई एक संदिग्ध APK फाइल पर क्लिक करने के बाद फोन हैंग होने लगा। उन्होंने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर किया और बाद में रीसेट कराया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है।
इसी तरह, ठेकेदार दिनेश माली के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक को खोलने के बाद उनके WhatsApp अकाउंट से विभिन्न ग्रुपों में फोटो और फाइलें साझा होने लगीं। उन्होंने भी मोबाइल रीसेट करवाया और पुलिस को घटना की सूचना दी। इन मामलों में मोबाइल प्रभावित होने के वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित
अनजान नंबर से आई APK या EXE फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
परिचित के नंबर से संदिग्ध लिंक आए, तो भी फोन करके पुष्टि करें।
किसी भी ऐप को अनावश्यक अनुमति न दें और मोबाइल का सुरक्षा अपडेट बनाए रखें।
मोबाइल से अपने आप संदेश भेजे जाने जैसी गतिविधि दिखे, तो इंटरनेट बंद करें और बैंक तथा संबंधित सेवा प्रदाता से संपर्क करें।
संदिग्ध संदेश, नंबर और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
एसडीओपी हर्ष राठौर ने लोगों से सतर्क रहने और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की है। थाना प्रभारी मनोज सिंह जादौन के अनुसार, ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। बैंक को भी तुरंत सूचना दें, ताकि आगे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।