जावद में बिजली कटौती के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, साढ़े तीन घंटे तक नीमच-जावद मार्ग पर चक्काजाम

10 घंटे में महज दो घंटे बिजली मिलने का आरोप
किसानों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अनियमित हो गई है। रात में बिजली बंद रहने और दिन में सीमित आपूर्ति के कारण खेतों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है। किसानों के अनुसार, करीब 10 घंटे में केवल दो घंटे बिजली मिलने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन में सेगवा, बरखेड़ा कामलिया, मोरका, सुवाखेड़ा, महेशपुरिया, बावा और कुंडला सहित आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों ने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने दिया लिखित आश्वासन
चक्काजाम की सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री कल्याण सिंह चौहान, एसडीओपी हर्ष राठौर और तहसीलदार बीके मकलाना सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
विद्युत विभाग की ओर से दो दिन में समस्या के निराकरण का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। मुख्य कार्यपालन यंत्री कल्याण सिंह चौहान ने बताया कि बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से चर्चा कर दो से तीन दिन में समाधान का प्रयास किया जाएगा।
बैंक कर्मचारी और विद्यार्थी भी हुए परेशान
चक्काजाम के कारण बैंक ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारियों, शिक्षकों और स्कूली विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग पर यातायात बाधित होने से कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
किसानों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।