पराली जलाने में मध्यप्रदेश ने चौंकाया: अब तक सबसे अधिक 94 मामले सामने आए

भोपाल। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों में निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस बीच मध्यप्रदेश में इस सीजन में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) की क्रीम्स प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच देश में पराली जलाने की कुल 254 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें अकेले मध्यप्रदेश में 94 मामले सामने आए। वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान प्रदेश में केवल 12 घटनाएं दर्ज हुई थीं।
पंजाब, हरियाणा और यूपी में कमी
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में इस अवधि में अब तक 84 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 2025 में इसी अवधि में 95 मामले थे।
हरियाणा में इस साल अब तक 4 मामले सामने आए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 7 मामले दर्ज हुए थे।
उत्तर प्रदेश में अब तक 63 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 2025 में इसी अवधि में 88 मामले सामने आए थे।
राजस्थान में इस वर्ष अब तक 8 मामले दर्ज हुए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 7 मामले थे।
इस आंकड़े के अनुसार मध्यप्रदेश को छोड़कर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज हुई है।
सीपीसीबी के उड़न दस्ते भी निगरानी में जुटे
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के उड़न दस्ते भी तैनात किए हैं। ये दस्ते पराली जलाने वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं।
एनसीआर के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से के आठ जिलों में 15 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच 18 मामले दर्ज हुए। पिछले वर्ष इसी अवधि में इन जिलों में 5 मामले सामने आए थे। इनमें गौतमबुद्धनगर में सबसे अधिक 9 घटनाएं दर्ज हुईं।
पिछले साल मध्यप्रदेश में सबसे अधिक मामले
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच मध्यप्रदेश में 17 हजार से अधिक पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुई थीं। इसी अवधि में पंजाब में 5,114, उत्तर प्रदेश में 7,290, हरियाणा में 662, राजस्थान में 289 और दिल्ली में 5 मामले दर्ज हुए थे।
फिलहाल इस सीजन के आंकड़े शुरुआती अवधि के हैं और आने वाले दिनों में पराली जलाने की घटनाओं में बदलाव हो सकता है।