नीमच-मंदसौर में नशे के नेटवर्क पर शिकंजे की तैयारी, ANTF को लेकर नई कवायद की चर्चा

📍 नीमच/भोपाल, मध्यप्रदेश
पूरी खबर
मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर काम किया जा रहा है।
इस कवायद में मालवा-निमाड़ क्षेत्र, विशेषकर नीमच और मंदसौर को महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। दोनों जिले राजस्थान की सीमा के करीब हैं और क्षेत्र में वैध अफीम उत्पादन से संबंधित केंद्रीय नारकोटिक्स व्यवस्था भी मौजूद है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो का मध्यप्रदेश इकाई कार्यालय नीमच में स्थित है।
अंतरराज्यीय तस्करी के मामलों में मध्यप्रदेश और राजस्थान की पुलिस के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के एक मामले में राजस्थान पुलिस की ANTF ने नीमच जिले से एक वांछित कथित मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया था, जिससे दोनों राज्यों के बीच सक्रिय तस्करी नेटवर्क का पहलू सामने आया था।
रिपोर्ट में नई व्यवस्था के तहत तकनीकी निगरानी, साइबर ट्रैकिंग, खुफिया सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही गई है।
मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में संपत्ति जब्ती और अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। केंद्र के नारकोटिक्स समन्वय ढांचे में राज्यों की ANTF को राज्य स्तरीय समन्वय और कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय पोर्टल पर मध्यप्रदेश के लिए ANTF प्रमुख के रूप में ADG स्तर के अधिकारी की जानकारी पहले से दर्ज है। इसलिए नई ANTF के गठन को लेकर सामने आई जानकारी को नई संरचना, विस्तार या पुनर्गठन की प्रस्तावित कवायद के रूप में देखा जाना चाहिए; किसी नए गठन की अंतिम स्थिति आधिकारिक सरकारी घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
नीमच में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की मौजूदगी और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी के लिए यह क्षेत्र पहले से महत्वपूर्ण है। फरवरी 2026 में CBN की नीमच शाखा से मिली सूचना के आधार पर मंदसौर में बड़ी मात्रा में MD/मेथामफेटामाइन बरामद कर एक कथित अवैध निर्माण इकाई को भी ध्वस्त किया गया था।
फिलहाल नई व्यवस्था को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसके बाद ही ANTF की संरचना, अधिकार क्षेत्र और नीमच-मंदसौर में प्रस्तावित भूमिका की स्थिति स्पष्ट होगी।