नई विधा — नीमच न्यूज़

दो साल में 8 मंडी सचिव बदले, अब 9वें के सामने ऊटी लहसुन सीजन की चुनौती

कृषि · जावद · · अपडेट: · नई विधा डेस्क

दो साल में 8 मंडी सचिव बदले, अब 9वें के सामने ऊटी लहसुन सीजन की चुनौती

📍 जावद, नीमच

समाचार विवरण

कृषि उपज मंडी जावद इन दिनों ऊटी लहसुन के कारोबार के साथ लगातार बदलते मंडी सचिवों को लेकर भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में यहां 8 मंडी सचिव बदल चुके हैं, जिसके बाद अब 9वें सचिव के रूप में पर्वतसिंह यादव ने शामगढ़ से आकर जिम्मेदारी संभाली है।

खास बात यह है कि मौजूदा ऊटी लहसुन सीजन में ही यह चौथा सचिव है। लगातार प्रशासनिक बदलाव के बीच मंडी की व्यवस्था और प्रबंधन पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पिछले दो वर्षों में श्री खान, पवन मिसोरिया, समीर दास, जगदीश भाभर, श्यामलाल माली, पुरुषोत्तम भावसार और राजेश सिंहल के बाद अब पर्वतसिंह यादव ने जिम्मेदारी संभाली है। रिपोर्ट के अनुसार राजेश सिंहल का कार्यकाल भी करीब एक माह ही रहा।

सप्ताह में दो दिन होता है ऊटी लहसुन का कारोबार

जावद मंडी में रविवार और बुधवार को ऊटी लहसुन का कारोबार होने की जानकारी दी गई है। सीजन के दौरान दूर-दराज से किसान और व्यापारी यहां पहुंचते हैं तथा एक दिन में करीब 50 से 60 वाहनों के आने की स्थिति बनती है।

जावद मंडी में लहसुन का कारोबार बड़े स्तर पर होता है। उपलब्ध मंडी डेटा में भी जावद एपीएमसी में लहसुन के कारोबार और भाव दर्ज हैं। हालांकि, ऊटी लहसुन सीजन के मौजूदा कारोबार की कुल राशि की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।

टैक्स वसूली को लेकर उठते रहे सवाल

रिपोर्ट में मंडी शुल्क की वसूली को लेकर सवाल उठाए गए हैं। व्यापारियों और मंडी से जुड़े लोगों के बीच आने वाली उपज की मात्रा, वाहनों की संख्या और दर्ज कारोबार के आंकड़ों में अंतर की स्थिति में निष्पक्ष जांच की मांग की बात कही गई है।

माल की मात्रा कम-ज्यादा दर्ज करने या कारोबार के आंकड़ों में हेरफेर से जुड़े आरोप भी सामने आने की बात कही गई है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को जांच का विषय माना जाना जरूरी है।

पूर्व में भी ऊटी लहसुन व्यापार के दौरान टैक्स वसूली और वाहनों को मंडी रेट पर रोकने को लेकर मंडी प्रशासन और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बनने की बात सामने आई है। 2026 में प्रदेश की मंडी शुल्क व्यवस्था को लेकर व्यापारी संगठनों की ओर से विरोध भी दर्ज किया गया था।

किसानों की सुविधाओं पर भी सवाल

मंडी में बड़े कारोबार के बीच किसानों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानी होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। दूर-दराज से ऊटी लहसुन बीज खरीदने आने वाले किसानों के लिए पर्याप्त पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को लेकर शिकायतें बताई गई हैं।

किसानों का कहना है कि कई बार उन्हें मंडी के बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ता है। ऐसे में कारोबार के साथ मंडी में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।

नए सचिव के सामने कई चुनौतियां

पर्वतसिंह यादव के सामने ऊटी लहसुन सीजन के दौरान मंडी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती है। इसमें व्यापारियों की शिकायतों का समाधान, टैक्स वसूली में पारदर्शिता, वाहनों की आवाजाही, किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं और मंडी राजस्व से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करना शामिल है।

मध्यप्रदेश में मंडी सचिवों की उपलब्धता और पदस्थापना से जुड़े व्यापक प्रशासनिक मुद्दे भी सामने आते रहे हैं। फरवरी 2026 में विधानसभा में सरकार ने बताया था कि राज्य की 259 कृषि उपज मंडी समितियों के सापेक्ष सचिव स्तर पर पदों की कमी है।

अब जावद मंडी में नए सचिव के कार्यकाल के दौरान इन व्यवस्थाओं में क्या बदलाव होता है, यह आगे की कार्यवाही और प्रशासनिक निर्णयों से स्पष्ट होगा।

मंडी भाव: नीमच मंडी में लहसुन का आज का भाव · आज का नीमच मंडी भाव

टैग: Javad, Neemuch, Javad Mandi, Uti Garlic, Garlic Market, Farmers, Mandi News, MP News

और पढ़ें: जावद की सभी खबरें · नीमच कृषि समाचार — किसान, फसल और मंडी की खबरें · नीमच न्यूज़ होम