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सांवलियाजी मेले में कविता, भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, कवि सम्मेलन में सामाजिक संदेशों की गूंज

मनोरंजन · चित्तौड़गढ़ · · अपडेट: · नई विधा डेस्क

सांवलियाजी मेले में कविता, भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, कवि सम्मेलन में सामाजिक संदेशों की गूंज

📍 सांवलियाजी, चित्तौड़गढ़

कवि सम्मेलन में हास्य-व्यंग्य के साथ सामाजिक सरोकार

सांवलियाजी में आयोजित जलझूलनी एकादशी मेले की पहली रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार रही। मंडफिया बाईपास स्थित उप जिला चिकित्सालय के पास आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने देर रात तक काव्य पाठ किया। मेले के कार्यक्रमों में कवि सम्मेलन को प्रमुख आकर्षण के रूप में शामिल किया गया था।

शैलेश लोढ़ा और दीपक पारीक की प्रस्तुतियां

कवि सम्मेलन में शैलेश लोढ़ा, संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक, शंभू शिखर, जानी बैरागी, राम भदावर, मोनिका हटीला, हीरामणि वैष्णव, चेतन चर्चित, लक्ष्मण नेपाली, लक्की जारोली और शशिकांत यादव सहित कवियों ने प्रस्तुतियां दीं। हास्य और व्यंग्य के साथ भक्ति, देशभक्ति तथा सामाजिक विषयों से जुड़ी रचनाएं भी प्रस्तुत की गईं।

मोबाइल और नशे जैसे विषयों पर संदेश

कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ सामाजिक विषयों को भी रचनाओं के माध्यम से उठाया गया। मोबाइल के बढ़ते प्रभाव, नशे की प्रवृत्ति, शिक्षा, संस्कार और बच्चों पर पढ़ाई से जुड़े दबाव जैसे विषयों को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। दीपक पारीक की प्रस्तुतियों में शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों पर अपेक्षाओं के दबाव से जुड़े विषय भी शामिल रहे।

भक्ति और हास्य का संगम

कवि सम्मेलन के दौरान अलग-अलग कवियों ने अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुतियां दीं। भक्ति और देशभक्ति से जुड़ी रचनाओं के साथ हास्य-व्यंग्य ने कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं का मनोरंजन किया। प्रस्तुतियों के दौरान तालियों और ठहाकों से पंडाल गूंजता रहा।

मीरा रंगमंच पर भजन संध्या

मेला ग्राउंड स्थित मीरा रंगमंच पर रात 9 बजे नितिन बागवान और कृतिका मालवीय की भजन संध्या आयोजित हुई। सांवलिया सेठ की भक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भक्ति भाव में नजर आए। इसके बाद रात 1 बजे जय श्री राधे फोक ग्रुप की प्रस्तुति भी निर्धारित थी।

गोवर्धन रंगमंच पर कॉमेडी और नृत्य

गोवर्धन रंगमंच पर नेहा-शिल्पी सोनी और सनी अलबेला ने कॉमेडी एवं नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद चिराग राजस्थानी डांस ग्रुप की प्रस्तुति में नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन आयोजनों में दर्शकों की भागीदारी रही।

मंदिर मंडल ने कवियों का किया सम्मान

कवि सम्मेलन के दौरान सांवलियाजी मंदिर मंडल की ओर से आमंत्रित कवियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कवियों को सांवलिया सेठ का प्रसाद भेंट कर उपरना पहनाया गया।

जलझूलनी एकादशी का तीन दिवसीय मेला 21 से 23 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

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