महिला स्व-सहायता समूहों की ‘चौका-चूल्हा बंद’ हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, कलेक्ट्रेट में बेलन-चकला बजाकर जताया विरोध

📍 नीमच, मध्यप्रदेश
दूसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन
आंगनवाड़ी, पूरक पोषण आहार और शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह संचालकों एवं महिला रसोइयों ने 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन ‘चौका-चूल्हा बंद’ हड़ताल शुरू की है। मंगलवार को आंदोलन के दूसरे दिन महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
बेलन-चकला बजाकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने बेलन-चकला बजाकर अपनी मांगों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समय पर भुगतान, मानदेय बढ़ाने और कार्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग रखी गई।
12 महीने का मानदेय देने की मांग
प्रदर्शनकारी महिलाओं की प्रमुख मांग है कि समूह संचालकों और रसोइयों को 10 महीने के बजाय पूरे 12 महीने का मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही लंबित मानदेय और पूरक पोषण आहार का बकाया भुगतान जल्द जारी करने की मांग की गई है।
पोषण आहार की लागत और खाद्यान्न बढ़ाने की मांग
महिला समूहों ने महंगाई के अनुसार पोषण आहार की लागत दर और खाद्यान्न आवंटन की मात्रा बढ़ाने की मांग भी रखी है। इसके अलावा रसोइयों को वार्षिक ड्रेस भत्ता देने तथा बच्चों की जूठी थालियां साफ करने के लिए अतिरिक्त मानदेय या अलग सहायिका की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
भुगतान में देरी पर जिला पंचायत CEO ने दी जानकारी
जिला पंचायत CEO अमन वैष्णव के अनुसार जुलाई माह का आवंटन 17 सितंबर को जिला पंचायत को प्राप्त हुआ था। भुगतान प्रक्रिया में बदलाव के बाद राशि SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से खातों में भेजी जा रही है। खातों की जानकारी की जांच में करीब पांच-छह दिन लगने के बाद सोमवार शाम फाइल आगे बढ़ाई गई और मंगलवार को बिल ट्रेजरी भेजे गए। स्वीकृति मिलने के बाद जुलाई का मानदेय खातों में भेजे जाने की बात कही गई है।
CEO के अनुसार अगस्त माह का आवंटन अभी शासन स्तर से प्राप्त होना बाकी है। जुलाई के खाद्यान्न की कार्रवाई पूरी होने की जानकारी भी दी गई है।
मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात
संगठन की ओर से कहा गया है कि जब तक मानदेय, लंबित भुगतान और अन्य मांगों पर स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। वहीं प्रशासन की ओर से भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है। आगे आंदोलन और प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।