वराह मार्च की कोशिश नाकाम, सनातन प्रहरी के कई सदस्य हिरासत में; धार में कड़ी सुरक्षा

प्रशासन ने मार्च की अनुमति निरस्त की थी, इसके बावजूद रैली निकालने की कोशिश; PG कॉलेज मैदान सहित प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रैली निकालने की कोशिश पर पुलिस ने रोका
सनातन प्रहरी समिति की ओर से PG कॉलेज मैदान से विजय मंदिर/लाट मस्जिद क्षेत्र तक वाहन रैली निकालने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को देखते हुए मार्च की अनुमति निरस्त कर दी थी। इसके बावजूद मंगलवार को रैली निकालने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया।
PG कॉलेज के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा इंदौर नाका, घोड़ा चौपाटी, बस स्टैंड, राजवाड़ा, चौपाटी और नालछा दरवाजा सहित प्रमुख स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
कई सदस्य हिरासत में
पुलिस ने मार्च की कोशिश कर रहे समिति के सदस्यों को हिरासत में लिया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है—कुछ रिपोर्टों में 20 से अधिक और अन्य में करीब 40 तक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। इसलिए अंतिम आधिकारिक संख्या पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
शहर में भारी सुरक्षा व्यवस्था
संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग के साथ निगरानी रखी गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार शहर में करीब 800 से 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी तथा ड्रोन से भी निगरानी की गई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी सुरक्षा कारणों से संबंधित संरक्षित परिसर को मंगलवार को आम लोगों के लिए बंद रखा था।
विजय मंदिर-लाट मस्जिद को लेकर विवाद
वराह मार्च का प्रस्ताव धार स्थित उस ऐतिहासिक परिसर से जुड़ा है, जिसे लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आते रहे हैं। सनातन प्रहरी समिति इसे विजय मंदिर से जोड़ने का दावा करती है, जबकि वर्तमान में यह स्थल लाट मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इन ऐतिहासिक दावों को लेकर विवाद जारी है।
स्थिति सामान्य
पुलिस-प्रशासन की सख्ती और लगातार निगरानी के बीच शहर में स्थिति सामान्य रहने की जानकारी सामने आई है। बाजार खुले रहे और सामान्य आवागमन जारी रहा। किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी जारी रखी गई है।