चित्तौड़गढ़ जिले की 4 निकायों में भाजपा, 3 में कांग्रेस का दबदबा; रावतभाटा में निर्दलीयों के हाथ चाबी

चित्तौड़गढ़ में भाजपा को स्पष्ट बहुमत
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद क्षेत्र के 60 वार्डों में भाजपा ने 33 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 23 वार्डों में जीत मिली, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
निम्बाहेड़ा में भी भाजपा आगे
निम्बाहेड़ा के 45 वार्डों में से 44 पर चुनाव हुआ। इनमें भाजपा ने 27 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 17 वार्डों में सफलता मिली। एक निर्दलीय प्रत्याशी भी विजयी रहा।
बेगूं में भाजपा का बहुमत
बेगूं में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इससे यहां भाजपा के बोर्ड बनने की स्थिति मजबूत हो गई है।
तीन निकायों में कांग्रेस को बहुमत
बड़ीसादड़ी, कपासन और आकोला में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया। आकोला में कांग्रेस ने 20 में से 12 वार्ड, जबकि कपासन में 25 में से 13 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई।
रावतभाटा में निर्दलीय निर्णायक
रावतभाटा में कुल 40 वार्डों में भाजपा को 17, कांग्रेस को 16 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 7 वार्डों में जीत मिली। भाजपा और कांग्रेस के बीच केवल एक वार्ड का अंतर होने के कारण अब बोर्ड गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
कई दिग्गजों को मिली हार
चुनाव परिणामों में कई प्रमुख चेहरों को भी हार का सामना करना पड़ा। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड 17 से पूर्व UIT एवं नगरपालिका चेयरमैन सुरेश झंवर महज 26 वोटों से चुनाव हार गए। वार्ड 12 से हरीश ईनाणी भी चुनाव नहीं जीत सके।
चंदेरिया में पूर्व उपसभापति और लगातार छह बार पार्षद रहे कैलाश पंवार वार्ड 6 से चुनाव हार गए। उनकी पत्नी सावित्री पंवार भी वार्ड 7 से पराजित हुईं।
689 वोटों से सबसे बड़ी जीत
वार्ड 46 में प्रेमलता जीनगर ने अपने प्रतिद्वंद्वी पिंकी खटीक को 689 वोटों से हराया। वहीं वार्ड 18 और 19 में जीत का अंतर महज 9 वोट रहा। वार्ड 40 में जीत-हार का अंतर 10 वोट रहा।
रावतभाटा में निर्दलीयों पर नजर
भाजपा विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने परिणामों पर खुशी जताते हुए कहा कि भाजपा को जनता का समर्थन मिला है और पार्टी शहर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि रावतभाटा में भी भाजपा बोर्ड बनाने की दिशा में प्रयास करेगी।