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ऊटी लहसुन के कारोबार पर जावद मंडी में तनातनी, शुल्क वसूली को लेकर व्यापारियों-मंडी कर्मचारियों में बहस

कृषि · जावद · · अपडेट: · नई विधा डेस्क

ऊटी लहसुन के कारोबार पर जावद मंडी में तनातनी, शुल्क वसूली को लेकर व्यापारियों-मंडी कर्मचारियों में बहस

मंडी गेट पर रोकी गईं गाड़ियां

मंडी प्रशासन ने शनिवार रात से ही ऊटी लहसुन के बीज से भरी कुछ गाड़ियों को मंडी गेट पर रोक दिया था। रविवार सुबह करीब 6-7 गाड़ियां मंडी के बाहर खड़ी रहीं। इस दौरान नीमच रोड पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी।

मंडी प्रशासन का कहना था कि पहले मंडी शुल्क की वसूली की जाएगी, क्योंकि कुछ व्यापारियों द्वारा शुल्क जमा नहीं किया जा रहा है। इसके विरोध में व्यापारियों ने एकजुट होकर आपत्ति जताई।

शुल्क की रसीद और वसूली को लेकर बहस

रविवार सुबह मंडी कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच मंडी शुल्क की रसीद एवं अन्य वसूली को लेकर बहस हुई। व्यापारियों का कहना था कि मंडी प्रशासन को नियमों के अनुसार सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।

विवाद के बीच बाहर खड़ी ऊटी लहसुन की गाड़ियों को बाद में व्यापारी मंडी परिसर में ले गए। रविवार को करीब 12 गाड़ियां ऊटी लहसुन लेकर मंडी पहुंचीं।

लाइसेंस, दुकानों और गोदामों की जांच की मांग

व्यापारियों ने मंडी प्रशासन पर व्यवस्थाओं में कमी के साथ नियमों के विपरीत लाइसेंस जारी करने और मंडी शुल्क वसूली में भेदभाव के आरोप लगाए। व्यापारी बलराम अहीर, निलेश धाकड़, सचिन अहीर, दशरथ अहीर और हरिशंकर भैरावत ने सभी लाइसेंसों की जांच कराने की मांग की।

व्यापारियों का आरोप है कि कुछ व्यापारियों को बिना आवश्यक दस्तावेजों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। उन्होंने ऐसे लाइसेंसों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई और दोबारा प्रक्रिया अपनाने की मांग की।

इसके अलावा मंडी परिसर के बाहर संचालित दुकानों और गोदामों के उपयोग की भी जांच की मांग की गई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानों और गोदामों को कथित तौर पर अन्य लोगों को किराए पर देकर अलग कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों ने पानी और शौचालय की सुविधाओं पर उठाए सवाल

ऊटी लहसुन का बीज खरीदने राजस्थान सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से किसान जावद मंडी पहुंच रहे हैं। राजस्थान से आए प्रकाश नायक, गोपाल धनगर, लोकेश धाकड़ और गोविंदराम कुरावत ने मंडी की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया।

किसानों ने कहा कि मंडी में पीने के पानी, शौचालय और स्नानघर जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने मंडी परिसर में साफ-सफाई कराने की भी मांग की।

लगातार तीसरे सचिव के कार्यकाल में भी विवाद

जावद मंडी में ऊटी लहसुन का कारोबार आमतौर पर जुलाई से सितंबर के बीच अधिक रहता है। इसी दौरान मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कभी मंडी शुल्क तो कभी गाड़ियों की संख्या और प्रवेश को लेकर स्थिति बनती रही है।

वर्तमान में मंडी सचिव के रूप में राजेश सिंघल पदस्थ हैं। इससे पहले श्याम माली और पुरुषोत्तम भावसार सचिव का प्रभार संभाल चुके हैं।

सचिव बोले- नियमों के अनुसार होगी शुल्क वसूली

मंडी सचिव राजेश सिंघल ने कहा कि उन्हें पदभार संभाले अभी कुछ ही दिन हुए हैं और धीरे-धीरे व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। पूर्व में पदस्थ सचिवों के कार्यकाल में क्या व्यवस्था रही, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वे उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क नियमों के अनुसार लिया जाएगा और किसी भी व्यापारी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

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